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नोएडा में बारूद के ढेर पर गेमिंग जोन, हर कदम पर 'लापरवाही की चिंगारी'; लखनऊ जैसे हादसे का डर

Published: Tue, 23 Jun 2026 01:36 AM (IST)Updated: Tue, 23 Jun 2026 05:27 AM (IST)

नोएडा के गेमिंग जोन और कॉमर्शियल भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे वे 'बारूद के ढेर' पर ...और पढ़ें

बारूद के ढेर पर गेमिंग जोन। जागरण

बारूद के ढेर पर गेमिंग जोन। जागरण

HighLights

  1. नोएडा के 50 से अधिक गेमिंग जोन असुरक्षित।

  2. केवल 21 गेमिंग जोन के पास ही फायर एनओसी।

  3. लापरवाही से लखनऊ जैसे हादसे का डर।

मुनीश शर्मा, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के गेमिंग जोन और कॉर्मिशियल भवन बारूद के ढेर पर हैं। गेमिंग जोन के अंदर 60 से ज्यादा गेम्स के अलावा डाइनिंग और किचन तक का संचालन हो रहा है।

गेमिंग जोन को लाइटिंग इफेक्ट, साउंड प्रूफिंग, थीम आधारित इंटीरियर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिजाइन हैं। इसके चलते सुरक्षा उपाय नजरअंदाज हो रहे हैं। मनोरंजन कर से लेकर अग्निशमन विभाग समेत तमाम जिम्मेदार इस तरह की लापरवाही को लेकर आंखें मूंदे हुए हैं। यहां पर लापरवाही की चिंगारी लखनऊ के अलीगंज में आग लगने से हुई 18 लोगों की मौत जैसा सबब बन सकती है। सरकारी मशीनरी महज कागजों में कार्रवाई का दावा करने में दुरस्त हैं।

कॉर्मिशियल भवनों में 50 से ज्यादा गेमिंग जोन

जिले में माल और शॉपिंग काम्पेल्स के अलावा कॉर्मिशियल भवनों में 50 से ज्यादा गेमिंग जोन हैं। प्रत्येक में बाक्स क्रिकेट, रेसिंग, शूटिंग, सिमुलेटर आदि 70 से ज्यादा गेम होते हैं। अधिकांश में खाने पीने के लिए डाइनिंग की भी व्यवस्था है। किचन तक का इस्तेमाल हो रहा है। यहां पर ड्रिक्स के रूप में नशा तक परोसा जा रहा है।

इनमें एनओसी पाने के लिए दिखावे के एग्जिट गेट और उपकरण दिखाए जाते हैं। यहां पर आने वाले ग्राहकों को मैनगेट के अलावा बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं पता होता है। खुले में छाेटे बच्चों के लिए चल रहे गेमिंग जोन भी फोम, रबर आदि से बने हुए हैं। इनके आसपास भी दिखावे की सुरक्षा व्यवस्था है।

क्या है संचालन के दिशा निर्देश

  • फायर एनओसी: सभी गेमिंग जोन्स के पास अग्निशमन विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) होना चाहिए।
  • निकास द्वार: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आपातकालीन निकास स्पष्ट रूप से खुले होने चाहिए। उनके आसपास कोई सामग्री नहीं होनी चाहिए। कम से कम तीन होने चाहिए।
  • अग्निशामक यंत्र: हर गेमिंग फ्लोर पर पर्याप्त संख्या में चालू अवस्था वाले फायर सिलेंडर और रेत की बाल्टियां उपलब्ध होनी चाहिए।
  • विद्युत सुरक्षा: बिजली के शार्ट-सर्किट से बचाव के लिए वायरिंग दुरुस्त होनी चाहिए। क्षमता से अधिक लोड नहीं डाला जाना चाहिए।
  • जांच अभियान: मनोरंजन अधिकारी, अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर आग आदि से बचाव की जांच की जाती है।

50 से ज्यादा गेमिंग जोन, 21 की एनओसी

गौतमबुद्ध नगर में सेक्टर 18 स्थित माल आफ इंडिया, सेक्टर 38ए स्थित जीआइपी, फन सिटी, स्पेक्ट्रम माल, स्मैश, टिंगलैंड, मिरर मांज, स्नोवल्ड, द हिंडन आवर, वेदा एंडवचैर, पीवीआर लाजिक्स, मिस्टीरियस रुमस, नोएडा प्ले बाक्स, टाइम जोन, कोड ब्रेक नोएडा, अप्पू घर एक्सप्रेस सहित नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई शापिंग माल में करीब 50 गेमिंग जोन हैं। इसके अलावा कामिर्शियल भवनों में भी गेमिंग जोन का संचालन हो रहा है। अग्निशमन विभाग ने 21 की एनओसी होना बताया है।

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अग्निशमन विभाग की ओर से मनोरंजन कर और विद्युत सुरक्षा टीम को साथ लेकर जांच की जाती है। बिना एनओसी चलते मिलने वालों के खिलाफ बंद कराने की कार्रवाई की जाती है। अभियान चलाकर बिना मानक चलने वाले गेमिंग जोन व कार्मिशियल भवन संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप कुमार चौबे, सीएफओ

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