नोएडा की पहली एलिवेटेड रोड पर बार-बार क्यों हो रहे गड्ढे? IIT रुड़की की टीम करेगी जांच; फिलहाल एक लेन बंद
नोएडा की सेक्टर-28 से सेक्टर-61 एलिवेटेड रोड पर बार-बार हो रहे गड्ढों की वजह जानने के लिए आईआईटी रुड़की की ...और पढ़ें

एमपी-2 मार्ग पर बनी एलिवेटेड रोड सेक्टर-61 से सेक्टर-28 जाने वाला मार्ग पर सेक्टर-33 इस्कान मंदिर के पास सड़क धंस गई है। फोटो जागरण
HighLights
आईआईटी रुड़की टीम करेगी एलिवेटेड रोड की जांच।
सड़क की ऊपरी परत, कंक्रीट, स्टील स्ट्रक्चर की पड़ताल।
मरम्मत तक एलिवेटेड रोड की एक लेन बंद।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-28 स्थित विश्व भारती स्कूल से सेक्टर-61 तक बनी शहर की पहली एलिवेटेड रोड पर बार-बार गड्ढे होने की वजह का पता अब आईआईटी रुड़की की टीम लगाएगी।
टीम बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंचकर प्राधिकरण इंजीनियरिंग विभाग के साथ मौके का निरीक्षण करेगी। सड़क की ऊपरी परत, कंक्रीट और नीचे के स्टील स्ट्रक्चर की स्थिति जांची जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क की मरम्मत शुरू होगी।
तब तक एलिवेटेड रोड की लेन बंद रहेगी। एमपी-2 से वाहनों को गुजारा जाएगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने दावा किया है कि एलिवेटेड रोड के स्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ा है और यह सुरक्षित है।
हालांकि, गड्ढे की असली वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। बता दें कि चार दिन में दूसरी बार एलिवेटेड रोड की सड़क घंस गई है, जिसने निर्माण गुणवत्ता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
आईआईटी रुड़की की टीम करेगी जांच
प्राधिकरण महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद मरम्मत कराई जाएगी, जिसमें कई दिन लग सकते हैं। सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाली लेन बंद रहेगी। यातायात पुलिस ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। वाहन चालक एलिवेटेड रोड के नीचे बने एमपी-2 मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।
चार दिन में दूसरी बार सड़क धंसी
इस्कान मंदिर के सामने शनिवार रात गड्ढा हुआ था। उसे भरवा दिया गया, लेकिन मंगलवार को उसी जगह करीब एक मीटर तक सड़क की परत उखड़ गई। इसके बाद नीचे की स्टील प्लेट और सरिया भी दिखाई देने लगे।
हादसे की आशंका के चलते प्राधिकरण ने प्रभावित हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। इंजीनियरिंग विभाग के निरीक्षण के बाद गड्ढे की वजह स्पष्ट नहीं होने पर आईआईटी रुड़की से जांच कराने का फैसला लिया गया।
जांच में यह देखा जाएगा कि समस्या केवल ऊपरी परत तक सीमित है या कंक्रीट और स्टील स्ट्रक्चर भी प्रभावित हुए हैं। उत्तर प्रदेश सेतु निगम की तकनीकी टीम भी जांच करेगी।
निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल
पिछले माह भी सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर उतरते समय सेक्टर-28 के पास सड़क धंस गई थी और गहरा गड्ढा बन गया था। दोबारा सड़क उखड़ने से निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठे हैं।
करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बनी एलिवेटेड रोड वर्ष 2017 में आम लोगों के लिए खोली गई थी। जांच से बार-बार सड़क खराब होने की वजह निर्माण संबंधी खामी, परतों की खराबी या कोई अन्य कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
