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नोएडा में श्रमिकों का हिंसक उपद्रव: 500 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, 20 से अधिक वाहन फूंके; 3000 करोड़ का आर्थिक नुकसान

Published: Mon, 13 Apr 2026 10:10 PM (IST)

नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों ने हिंसक प्रदर्शन किया। तीन औद्योगिक क्षेत्रों में उपद्रवियों ने 500 ...और पढ़ें

नोएडा में श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन।

नोएडा में श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन।

HighLights

  1. श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग पर किया हिंसक प्रदर्शन।

  2. 500 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, 20+ वाहन जलाए।

  3. पुलिस समेत 30 घायल, 60 उपद्रवी हिरासत में लिए गए।

जागरण संवाददाता, नोएडा। वेतन वृद्धि की मांग पर सोमवार को श्रमिकों ने तीन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क हिंसक उपद्रव किया। सुबह से ही श्रमिकों ने उपद्रव मचाते हुए मदरसन ग्रुप समेत कई इकाइयों में घुस कर तोड़फोड़ की। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, तभी पुलिस की गाड़ी को उपद्रवियों ने डंडे-पत्थर से तोड़कर पलट दिया। पुलिस की तीन गाड़ियों को आग लगा दी गई।

सेक्टर-63 में मारूति सुजुकी (विपुल मोटर सर्विस सेंटर) शोरूम में घुसकर 35 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर छह वाहनों में आग लगा दी। सेक्टर 63 में भी पथराव किया गया। श्रमिकों ने करीब नौ घंटे तक नोएडा को बंधक बनाए रखा। शहर में हर तरफ सड़कों पर जाम लगा गया। वाहन एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकें।

500 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और 20 से ज्यादा वाहनों में आग लगा दी। दस पुलिसकर्मी समेत 30 लोग घायल हुए। उद्यमियों ने औद्योगिक ईकाई और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ से करीब तीन हजार करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान की बात मानी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई।

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गौतमबुद्ध नगर की औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक पिछले कई दिनों से संगठन के बैनर तले वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। नाराज श्रमिकों ने मांग न मानने पर जल्द ही बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, जिसे पुलिस और प्रशासन स्थिति भांपने में नाकाम रहा। पुलिस-प्रशासन का सूचना तंत्र पूरी तरह से फेल रहा।

शनिवार को श्रमिकों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मांग पूरी न होने पर सोमवार को बड़ा आंदोलन होगा। उद्यमियों का आरोप है कि श्रमिकों की मांग मान ली गई थी, लेकिन उन तक इसकी सूचना समय से नहीं दी गई। नतीजन सोमवार को श्रमिकों ने उग्र रूप धारण कर लिया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग नौ पर वाहनों की रफ्तार थम गई।

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एयरटेल कंपनी की बिल्डिंग में घुसकर तोड़फोड़ की

दिल्ली- नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बार्डर व डीएनडी पर जाम लगा गया। शहर की सड़कों पर वाहनों के होर्न बजने लगे। चिलचिलाती धूप के तापमान के साथ प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उफान मारने लगा। इस बीच फेज-दो थाना क्षेत्र में उपद्रवियों ने मदरसन ग्रुप की ईकाइ, इक्का इलेक्ट्रानिक्स, डिक्सन एक्सपोर्ट जबकि फेज-तीन औद्योगिक क्षेत्र की विपुल मोटर्स का सर्विस सेंटर, एफ-429 फैक्टरी, नेक्सा सर्विस सेंटर व सेक्टर-57 में एयरटेल कंपनी की बिल्डिंग में घुसकर तोड़फोड़ की।

फेज-वन औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-एक में उपद्रवियों ने पुलिस की लैपर्ड में भी आग लगा दी। उधर, प्रदर्शनकारियों द्वारा सेक्टर-62 में जाम लगाने से एनएच-नौ पर वाहन थम गए । चिल्ला बार्डर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विशेष बात है कि अधिकांश प्रदर्शन में महिलाओं ने आगे खड़े होकर मोर्चा संभाल रखा था।

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देर शाम तक 500 से ज्यादा कंपनियां और सेक्टर-63 थाने में तोड़फोड़, पथराव, 20 से ज्यादा वाहन जलाने पर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने भी स्थिति का जायजा लिया। वहीं पथराव से दस पुलिसकर्मी समेत 30 से अधिक लोग घायल हो गए। उनका अस्पताल में इलाज कराया।

कैमिकल फैक्टरी में आग लगाने का प्रयास, बड़ी घटना टली

दोपहर के समय सड़कों पर डंडे और हाथ में पत्थर लेकर उतरे उपद्रवियों ने सेक्टर-63 में एक कैमिकल फैक्टरी में घुसकर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन तैनात पुलिस बल और अग्निशमन कर्मियों ने उपद्रवियों को मौके से खदेड़ दिया। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ़ से नोएडा में बड़ी घटना होने से बच गई। इससे अलग सेक्टर-63 के ए ब्लाक में उपद्रवियों ने मोबाइल की लावा कंपनी के बराबर वाली ईकाई में जमकर पथराव किया।

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इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। सेक्टर-छह में कार और सेक्टर-एक में पुलिस की लैपर्ड भी आग के हवाले कर दी। इस बीच उपद्रवियों ने मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी के दौरान हिंसक झड़प की। फिलहाल, नोएडा में पीएसी और सुरक्षा बलों की टुकड़ियों के अलावा गाजियाबाद कमिश्नरेट से पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

शासन की समिति गठित, डीएम-सीपी ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर औद्योगिक असामंजस्य के समाधान को उच्च स्तरीय समिति गठित हुई है। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश होंगे। इसमें अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश को सदस्य नामित किया है।

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इनके अतिरिक्त सदस्य सचिव के रूप में उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित अधिकारी जबकि श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि व उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी शामिल हैं। डीएम मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके का निरीक्षण किया। इस बीच दोनों अधिकारियों ने श्रमिकों से शांति की अपील की है।

हिरासत में 60 से ज्यादा उपद्रवी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति एवं औद्योगिक इकाइयों को क्षतिग्रस्त करने, वाहनों में आग लगाने, हिंसक झड़प समेत अन्य आरोपों में 60 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ चल रही है। वीडियो और फोटो से अन्य आरोपियों की भी पहचान कर रहे हैं।

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