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नोएडा में प्रदर्शन से चढ़ा लखनऊ का पारा, CM और पुलिस प्रमुख से लेकर सुरक्षा एजेंसियां रख रहीं नजर

Published: Mon, 13 Apr 2026 09:28 PM (IST)

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों से लखनऊ में हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ...और पढ़ें

नोएडा में हिंसक झड़प और जगह-जगह उपद्रव से लखनऊ का पारा गर्म।

नोएडा में हिंसक झड़प और जगह-जगह उपद्रव से लखनऊ का पारा गर्म।

HighLights

  1. सीएम योगी आदित्यनाथ, शीर्ष पुलिस अधिकारी कर रहे निगरानी।

  2. पुलिस सीसीटीवी, यक्ष ऐप से उपद्रवियों की पहचान में जुटी।

  3. हिस्ट्रीशीटरों, गुंडा एक्ट के बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा।

जागरण संवाददाता, नोएडा। प्रदेश के इकॉनमिक ग्रोथ शहर में हिंसक झड़प और जगह-जगह उपद्रव से लखनऊ का पारा गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर पुलिस के मुखिया राजीव कृष्ण और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एवं एसटीएफ चीफ आईपीएस अमिताभ यश समेत सुरक्षा एजेंसियां एक-एक गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।

श्रमिकों के प्रदर्शन के बीच हिंसक झड़प से हुई सुरक्षा में चूक को लेकर पुलिस मुख्यालय व पंचम तल के अधिकारी काफी नाराज हैं। ऐसे में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस भी मामले की गंभीरता से लेकर हरकत में आ गई है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विभिन्न थानों की टीमें उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न स्थानों पर तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों की पहचान के लिए घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे और यक्ष ऐप की मदद ली जा रही है। चिह्नित उपद्रवियों की फुटेज विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधकों को भेजी गई हैं। कई स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़, हिंसक झड़प से महिलाएं व युवतियां डर और सहम गई हैं।

पुलिस फोर्स पर भी पथराव कर जानलेवा हमला किया

सूत्रों बताते हैं कि अधिकारी इस बात को समझ रहे हैं कि श्रमिकों की भीड़ में बाहरी तत्वों ने भी शामिल होकर गौतमबुद्धनगर की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को चुनौती दी। योजनाबद्ध तरीके से उपद्रवियों ने औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया और समझाने पहुंची पुलिस फोर्स पर भी पथराव कर जानलेवा हमला किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घटनास्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिन लोगों के चेहरे फुटेज में स्पष्ट नजर आए हैं, उन्हें संगठनों की मदद से संपर्क किया जा रहा है। पुलिस की 20 से ज्यादा टीमें तकनीकी साक्ष्य और फोटो मिलान (फेस रिकग्निशन) का भी सहारा ले रही हैं।

हिस्ट्रीशीटर और गुंडा एक्ट के बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच टीमें जनपद के हिस्ट्रीशीटर और गुंडा एक्ट के बदमाशों का रिकार्ड एवं लोकेशन भी खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि जिला बदर के आरोपित भी शहर की फिज़ा खराब करने की साजिश रच सकते हैं। फिलहाल संदिग्ध व्यक्ति की केवल फोटो से उसकी पहचान करने में पुलिस जुटी है। यही नहीं पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर पुरानी वीडियो या अन्य शहरों में हुए दंगों एवं हिंसक झड़प की फोटो प्रसारित करने वालों की पहचान शुरू कर दी है।

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