Noida Protest: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 14 अप्रैल को औद्योगिक इकाइयां रहेंगी बंद, CM योगी की कमेटी ने लिया बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बावजूद, गौतमबुद्ध नगर के उद्यमियों ने 14 अप्रैल को अपनी औद्योगिक इकाइयां बंद रखने का फैसला किया है।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सोमवार को सभी औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी।
HighLights
गौतमबुद्ध नगर में 14 अप्रैल को औद्योगिक इकाइयां बंद।
उद्यमियों ने श्रमिकों के आंदोलन के बाद सुरक्षा मांगी।
मुख्यमंत्री की समिति ने श्रमिकों को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार देर रात तक ग्रेटर नोएडा में बैठक की। इसमें शामिल उद्यमियों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें पूर्ण सुरक्षा नहीं मिलेगी तो इकाईयों को नहीं खोलेंगे।
उद्यमियाें ने मंगलवार को सभी इकाइयों को बंद रखने का निर्णय किया। उद्यमियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था के और पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, वह अपनी इकाईयों को संचालित नहीं करेंगे।
औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति
दरअसल, तीन दिनों से नोएडा में वेतन विवाद को लेकर हो रहे कामगारों के उग्र आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने जनपद में उत्पन्न औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रमिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार अध्यक्षता में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में श्रमिक प्रतिनिधियों व संबंधित पक्षों के साथ के महत्वपूर्ण बैठक की।
समिति के सदस्य अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश कानपुर सहित मंडलायुक्त मेरठ मंडल मेरठ, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर व प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कामगारों की समस्याओं को सुना
बैठक में समिति ने जनपद की विभिन्न उद्यमी संगठन एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन, आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश बंसल व अपैरल कलस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल समेत अन्य उद्यमी संगठन के पदाधिकारियों के साथ कार्यरत कामगारों की समस्याओं को विस्तार से सुना।
वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, कामगार हितों की सुरक्षा तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी प्रमुख मांगें समिति के समक्ष रखीं। बैठक में उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक अन्य जिलों से सुरक्षा बलों को यहां नहीं बुलाया जाता व पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, इकाईयों को बंद रखेंगे।
समिति ने सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए श्रमिकों को विश्वास दिलाया कि उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी कंपनियों में श्रम कानूनों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
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