नोएडा हिंसा: सुनियोजित साजिश का एक और सुबूत, महिलाओं को बताया गया था कैसे ढकें CCTV कैमरा
नोएडा में हुई हिंसक झड़प और आगजनी की जांच में पुलिस को अहम जानकारी मिली है, जिसमें संगठनों ने महिलाओं को सीसीटीवी से बचने का प्रशिक्षण दिया था।

नोएडा फेज-2 में 13 अप्रैल को हुए उपद्रव के दौरान कार्रवाई करती पुलिस टीम। फाइल फोटो
HighLights
नोएडा हिंसा: महिलाओं को सीसीटीवी से बचने का प्रशिक्षण, साजिश का खुलासा
संगठन के आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को मिली अहम जानकारी, जांच हुई तेज
अज्ञात आरोपितों की पहचान के लिए टीमें खंगाल रहीं सीसीटीवी फुटेज, फोटो और वीडियो
जागरण संवाददाता, नोएडा। हिंसक झड़प और आगजनी में कमिश्नरेट पुलिस को जांच में अहम जानकारी मिली है। संगठनों के साजिशकर्ताओं ने सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण दिया था। योजना के तहत शातिर महिलाओं को सीसीटीवी कैमरे के ऊपर दुपट्टा, कपड़ा या काला तरल पदार्थ डालने की जिम्मेदारी मिली थी। पुलिस को कई फुटेज और वीडियो मिले हैं, जिसमें महिलाएं कैमरे के ऊपर कपड़ा डालती कैद हुई हैं।
साजिशकर्ताओं ने प्रदेश के आर्थिक ग्रोथ इंजन शहर में बवाल मचाकर औद्योगिक इकाइयों के पहिया रोकने की साजिश की थी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की मंशा थी। इंटेलिजेंस से जानकारी मिली कि एक अप्रैल को श्रमिकों के संगठन ने काला दिवस मनाकर 15 दिन के अंदर नोएडा में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी।
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ऐसे में पुलिस मान रही है कि उपद्रव की योजना सुनियोजित साजिश थी। मामले में अभी तक जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित है। इसमें एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। बवाली और अराजक तत्वों से जुड़े सभी मुकदमों में एसआइटी निगरानी कर रही है। बुधवार दोपहर एसआइटी ने बैठक में कार्रवाई के लिए बारीकी से सुराग जुटाए।
श्रमिकों को भड़काने के लिए करते थे सोशल प्लेटफार्म का ज्यादा इस्तेमाल
पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार आरोपित रूपेश राय के कोर ग्रुप की सदस्य मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इस बीच अधिकारियों ने प्रदर्शन में युवतियों की भूमिका समेत अन्य पहलुओं पर सवाल पूछे। इन सवालों की सूची पुलिस ने पुलिस रिमांड के लिए याचिका लगाने के बाद तैयार की थी।
जांच अधिकारी ने युवतियों के आदित्य आनंद से संबंध पर जानकारी जुटाई। पूछताछ में पता चला कि मजदूर बिगुल संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पोर्टल व वेबसाइट का इस्तेमाल करता था। मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद की पुलिस कस्टडी रिमांड पर 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। पुलिस ने आदित्य की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है।
गूगल से रिपोर्ट मिलने पर खुलेंगे कई और राज
जांच टीम आरोपितों से बरामद मोबाइल और लैपटाप को भी खंगाल रही है। टीम ने संवेदनशील डाटा पता करने के लिए गूगल के कार्यालय में भी संपर्क किया है। हालांकि, अभी तक मेल का जवाब नहीं मिला है।
पुलिस का कहना है कि डेटा मिलने के बाद आरोपितों के साजिश के और राज भी खुल सकते हैं। इससे पहले एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर माहौल खराब करने की पूरी साजिश पाकिस्तान से होने की बात सामने आ चुकी है।
