Noida Protest: नोएडा हिंसा में ‘बाहरी हाथ’ का खुलासा, 7 पर FIR दर्ज; हालात काबू में
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा में पुलिस ने "बाहरी तत्वों" की भूमिका बताई है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन ...और पढ़ें
HighLights
पुलिस ने नोएडा हिंसा में बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।
गौतमबुद्ध नगर में सात मुकदमे दर्ज, कई लोग हिरासत में।
श्रमिकों की चार मांगें स्वीकार, स्थिति अब नियंत्रण में।
पीटीआई, नई दिल्ली। गौतमबुद्ध नगर में सोमवार को श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद कुछ स्थानों पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने “बाहरी तत्वों” की भूमिका की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, श्रमिकों के शांतिपूर्ण ढंग से हटने के बाद बाहर से आए कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की। ऐसे कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य की पहचान की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों से आए लोगों ने फैलाई हिंसा
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात बताया कि जिले से बाहर के कुछ लोग सीमावर्ती इलाकों में पहुंचकर तनाव फैलाने और हिंसा भड़काने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समूह के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया है और बाकी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहचान की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूरे गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया है।
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पुलिस बयान के अनुसार, सोमवार को जिले में 80 से अधिक स्थानों पर विभिन्न सेक्टरों के करीब 40 से 45 हजार श्रमिक एकत्र हुए थे, जिससे कुछ इलाकों में यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
पुलिस ने बताया कि सेक्टर-63 और मदरसेन (Motherson) कंपनी परिसर के पास कुछ स्थानों पर स्थिति बिगड़ी, जहां कुछ उपद्रवी तत्वों ने आगजनी जैसी घटनाएं कीं, जिससे तनाव पैदा हुआ।
स्थिती नियंत्रण में
हालांकि, पुलिस का कहना है कि संयम और सतर्कता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया गया। जोनल पुलिस, स्थानीय थानों, अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों के समन्वित प्रयास से हालात पर काबू पा लिया गया।
बयान में कहा गया कि पुलिस ने धैर्य और विवेक के साथ भीड़ को समझाकर शांतिपूर्वक हटाने की कोशिश की और आगजनी की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाया। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया।
पुलिस के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चार मांगें स्वीकार
अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों की पांच मांगों में से चार को स्वीकार कर लिया गया है, जबकि शेष मुद्दों के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में एक बैठक भी हो चुकी है।
पुलिस ने कहा कि जिले में अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
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