नोएडा में 'पेट पॉलिसी' बेअसर, 50 हजार पालतू जानवरों में केवल 8 हजार का पंजीकरण; कागजों पर सिमटा नियम
नोएडा प्राधिकरण की सितंबर 2021 की पेट पॉलिसी कागजों तक सीमित है, जहां 50,000 से अधिक पालतू जानवरों में से केवल 8,470 ही पंजीकृत हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
नोएडा की पेट पॉलिसी सिर्फ कागजों तक सीमित।
50 हजार पालतू जानवरों में 8 हजार ही पंजीकृत।
पालतू हमलों पर मालिक को उठाना होगा खर्च।
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। प्राधिकरण की ओर से सितंबर 2021 में लागू की गई पेट पॉलिसी सिर्फ कागजों तक ही रह गई। शहर में आवारा और पालतू जानवरों की बढ़ती संख्या के बीच नियमों का कड़ाई से पालन कराने में प्राधिकरण अब तक नाकाम साबित हुआ है।
नोएडा में पचास हजार से अधिक कुत्ते और बिल्लियां घरों में पाले जा रहे हैं, जबकि प्राधिकरण के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत पालतू जानवरों की संख्या महज 8470 तक ही सिमट गई है।
पेट पॉलिसी लागू करने का उद्देश्य?
इसके लिए 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क तय होने के बावजूद शहरवासी इस प्रक्रिया में बिल्कुल रुचि नहीं दिखा रहे हैं। प्राधिकरण अपनी ही पॉलिसी का ठीक से पालन नहीं करा पा रहा है। पेट पॉलिसी लागू करने का मुख्य उद्देश्य पालतू कुत्तों के कारण होने वाले विवादों और हादसों पर रोक लगाना था।
इस नीति के तहत सभी पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना, नस्ल और उनके व्यवहार के आधार पर दिशा-निर्देश तय करना व हमलों की स्थिति में कार्रवाई का प्रावधान शामिल था।
इसके अलावा अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को पंजीकरण प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना था, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य न होने के कारण यह पूरी व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है।
ग्रेट डेन के हमले से ब्लैक पग की हुई थी मौत
रविवार को सेक्टर-93बी स्थित गैंड ओमेक्स सोसायटी में ग्रेट डेन नस्ल के पालतू कुत्ते ने छोटे कद के ब्लैक पग को नोचकर मार डाला था। मामले में ग्रेट डेन की मालनिकन समेत दो के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
पालतू कुत्तों के मालिक दोनों को सार्वजनिक स्थान पर टहला रहे थे। पेट पालिसी के तहत कुत्तों को सार्वजनिक स्थान पर टहलाना, पार्क में घुमाना और लिफ्ट में किसी व्यक्ति के होने पर लिफ्ट का उपयोग नहीं करने के निर्देश भी शामिल हैं।
मालिक को उठाना होता है इलाज का खर्च
पालतू जानवर के हमला करने पर पीड़ित के इलाज का खर्च जानवर का मालिक ही उठाएगा। पंजीकरण के दौरान जानवर के मालिक को शुल्क जमा कर जानवर के टीकाकरण संबंधी और उसके नस्ल की जानकारी भी एप के माध्यम से पोर्टल से भरनी पड़ती है।
पालतू जानवर के हमले और उन पर हुई कार्रवाई
- 15 दिसंबर 2023: आम्रपाली जोडिएक सोसायटी में निवासी को काटने पर कुत्ता मालिक पर 10 हजार का जुर्माना
- 10 जनवरी 2024: लाजिक्स ब्लासम काउंटी सोसायटी में घटना होने पर कुत्ता मालक पर 10 हजार का जुर्माना
- 12 मार्च 2024: पैरामाउंट फ्लोराविले सोसायटी में भी कुत्ता मालिक पर 10 हजार का जुर्माना लगा
- 05 अगस्त 2024: सुपरटेक सुपरनोवा सोसायटी में कुत्ते के हमला करने पर 10 हजार का जुर्माना
पालतू जानवरों के पंजीकरण प्रक्रिया आनलाइन है। इसको घर बैठे कर सकते हैं। जानवरों के मालिक इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। लापरवाही पर प्राधिकरण सिर्फ जुमाने की कार्रवाई कर सकता है। पूर्व में की भी गईं हैं।
-आरएस यादव, मुख्य अनुरक्षण अभियंता, नोएडा प्राधिकरण
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