नोएडा में ओखला पक्षी विहार मेट्रो स्टेशन के पास बनेगा आधुनिक मॉल, 800 कारों की पार्किंग से मिलेगी जाम से राहत
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ओखला पक्षी विहार मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर-94 में एक आधुनिक व्यावसायिक केंद्र विकसित करेगा। यह ...और पढ़ें

नोएडा सेक्टर-94 के भूखंड संख्या एफसी-4 पर आधुनिक माॅल और कॉमर्शियल हब विकसित किया जाएगा। एआई इमेज
HighLights
ओखला पक्षी विहार मेट्रो के पास व्यावसायिक केंद्र।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा आधुनिक मॉल।
800 कारों की पार्किंग से जाम से राहत।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-94 स्थित ओखला पक्षी विहार मेट्रो स्टेशन के निकट अब व्यावसायिक केंद्र आकार लेगा। नोएडा मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (एनएमआरसी) ने खाली पड़ी भूमि का व्यावसायिक उपयोग सुनिश्चित करने और मेट्रो राजस्व को गति देने के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत सेक्टर-94 के भूखंड संख्या एफसी-4 पर आधुनिक माॅल और कॉमर्शियल हब विकसित किया जाएगा। इससे दिल्ली से सटे इस इलाके में व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
विश्वस्तरीय व्यावसायिक ढांचा खड़ा किया जा सके
एनएमआरसी प्रबंधन ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया है। यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माॅडल पर आधारित रहेगा, जिसमें निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगी।
विकासकर्ता एजेंसी को कुल 44151 वर्ग मीटर भूखंड पर निर्माण करने की स्वीकृति मिलेगी। प्राधिकरण और मेट्रो प्रशासन के तकनीकी नियमों के तहत इस भूखंड का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) 4.5 व ग्राउंड कवरेज 40 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, ताकि एक खुला और विश्वस्तरीय व्यावसायिक ढांचा खड़ा किया जा सके।
पार्किंग का निर्माण करना अनिवार्य
परियोजना की सबसे अहम शर्त के रूप में विकासकर्ता को मेट्रो यात्रियों के लिए 800 चार पहिया गाड़ियों की क्षमता वाली समर्पित पार्किंग का निर्माण करना अनिवार्य होगा। इससे ओखला पक्षी विहार मेट्रो स्टेशन का उपयोग करने वाले दैनिक यात्रियों को वाहन खड़े करने के लिए स्थायी और सुरक्षित ठिकाना मिल सकेगा। साथ ही, कालिंदी कुंज और महामाया फ्लाईओवर के मध्य मुख्य मार्ग पर वाहनों के बेतरतीब ठहराव से लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
जमीन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी
योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एनएमआरसी ने 28 अक्टूबर को इच्छुक कंपनियों के साथ एक विस्तृत प्री-बिड बैठक तय की है, जिसमें निविदा से जुड़े नियम, शर्तें और तकनीकी प्रारूप साझा किए जाएंगे। इच्छुक विकासकर्ताओं को छह नवंबर तक अपने प्रस्ताव दाखिल करने का समय दिया गया है। दस्तावेजों की समीक्षा और वित्तीय आकलन के बाद अंतिम रूप से एजेंसी का चयन कर जमीन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
