ED के एक्शन के बावजूद जारी अवैध निर्माण, नोएडा में महर्षि आश्रम की जमीन पर बसा नया शहर; उठ रहे सवाल
ईडी की कार्रवाई के बावजूद नोएडा में महर्षि आश्रम की 3500 बीघा जमीन पर अवैध निर्माण जारी है, जिसमें सैकड़ों ...और पढ़ें

नोएडा में ईडी की कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माण जारी है। फोटो: आर्काइव
HighLights
महर्षि आश्रम की 3500 बीघा जमीन पर अवैध निर्माण बदस्तूर जारी
ईडी की कार्रवाई के बावजूद नोएडा प्राधिकरण मूकदर्शक बना हुआ
अवैध निर्माण में प्राधिकरण अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर आरोप
धर्मेंद्र चंदेल, नोएडा। एक तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई, दूसरी तरफ नोएडा प्राधिकरण की रहस्यमयी चुप्पी। इन दोनों के बीच नोएडा में महर्षि आश्रम की करीब 3500 बीघा बेशकीमती जमीन पर सैकड़ों करोड़ रुपये का अवैध साम्राज्य खड़ा हो चुका है।
यह बहुत बड़ा लैंड फ्रॉड का केस है। प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को रोकने के लिए अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। ईडी की कार्रवाई के बावजूद मौके पर फ्लैट, विला बनाने और प्लाटिंग का धंधा बदस्तूर जारी है।
जमीन पर माफिया खुलेआम विला, फ्लैट और अवैध कॉलोनियां बसा रहे हैं। जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। फर्जी तरीके से जमीन बेचने के मामले में पूर्व में ईडी दो को गिरफ्तार कर चुकी है। अब प्राधिकरण के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
प्राधिकरण की भूमिका पर बड़े सवाल
महर्षि आश्रम की जमीन पर भवनों के निर्माण के लिए प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया है। जिला प्रशासन व तहसील के अभिलेखों में जमीन का लैंड यूज कृषि है। लैंड यूज चेंज कराए बिना ही आवासीय भवन बना दिए गए हैं।
करीब 26 हजार फ्लैट, विला एवं अवैध कालाेनी में हजारों मकान बन गए हैं। 2019 से 2023 के बीच इनका निर्माण हुआ। प्राधिकरण अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी संख्या में अवैध भवन नहीं बन सकते।
प्राधिकरण ने नोटिस तो दिए हैं, लेकिन ध्वस्तीकरण नहीं किया है। मौके पर सड़कें बन रही हैं, बाउंड्री वाल खड़ी हो रही हैं, विला बिक रहे हैं। आखिर प्राधिकरण अधिकारी आंखें क्यों मूंदे बैठे है? किसने अफसरों के हाथ बांध दिए हैं? बुलडोजर क्यों खामोश है? यह बड़ा सवाल है।
करोड़ का खेल, सीबीआई जांच की मांग
जमीन की कीमत 70 से 90 हजार रुपये प्रति वर्ग गज है। यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है, इसकी जांच जरूरी है। स्थानीय किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीबीआई जांच की मांग की है।
भाकियू टिकैट गुट के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी का कहना है कि जब तक प्राधिकरण के उन अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, जिन्होंने इस अवैध कालोनी को बसने दिया, तब तक इस माफिया राज पर लगाम नहीं लगेगी।
ईडी इस मामले की कर रही है जांच
स्पिरिचुअल रिजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन आफ इंडिया ट्रस्ट की जमीन को कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया। 40 बीघा जमीन बेचने की शिकायत हुई थी। ईडी ने इसकी जांच की तो परत दर परत बड़ज्ञ घोटाला सामने आया। महर्षि आश्रम की 35 सौ बीघा जमीन पर नया शहर बस गया।
इन खसरा नंबरों पर हुआ अवैध निर्माण
700 से 715, 723 व 724, 728,730 से 735,745 से 752, 759 से 764,779,780,795 से 798
अवैध निर्माण के लिए जो भी सुपरवाइजर व सर्किल प्रभारी जिम्मेदार होगा अथवा दोषी पाया जाएगा। उसे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।
- पुुष्पराज सिंह, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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