नोएडा में 1.56 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी का मामला आया सामने, कंपनी के एमडी ने पूर्व कर्मचारी पर दर्ज कराया केस
नोएडा सेक्टर-39 पुलिस ने एक निजी कंपनी के एमडी की शिकायत पर पूर्व कर्मचारी और उसके साथियों के खिलाफ 1.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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1.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी। एआई जनरेटेड
HighLights
नोएडा में 1.56 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी।
पूर्व कर्मचारी और उसके साथियों पर केस दर्ज।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में सेक्टर-39 थाना पुलिस को प्राइवेट कंपनी के एमडी ने खेकड़ा बागपत में जमीन खरीदने के दौरान पूर्व कर्मचारी और उसके अन्य साथियों पर 1.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस कराया है।
आरोप है कि रकम मांगने पर आरोपितों ने एमडी को धमकी दी है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कानूनी जांच शुरू कर दी है।
कई बीघा खरीदी थी जमीन
सेक्टर-41 में महावीर हनुमान डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और केसरी नंदन प्राजेक्ट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश कुमार वर्मा ने कोर्ट में याचिका दायरा की कि कुछ वर्षों पूर्व खेकड़ा-बागपत में आनंदा प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कई बीघा जमीन खरीदी थी।
प्रोजेक्ट के बीच ग्राम सुभानपुर खादर में कई खसरे की भूमि अनुसूचित जाति के काश्तकारों की आ रही थी। वह इस समस्या के लिए विभिन्न लोगों की राय ले रहे थे। तभी उनके पूर्व कर्मचारी रतन सिंह ने भूमि काे उसके नाम कराने पर विभिन्न तरह का लालच दिया।
एक करोड़ 56 लाख रुपये ट्रांसफर किए
आरोप है कि वह आरोपित के जाल में फंस गए और 25 फरवरी 2008 से 24 अगस्त 2012 के बीच जमीन खरीदने के लिए एक करोड़ 56 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इस बाबत आरोपित ने 45 बीघा कृषि भूमि रतन सिंह ने अपने नाम करा ली, तभी पीड़ित के पक्ष में एक मुख्तारनामा भी खेकड़ा के उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत कराया। यही नहीं, रतन सिंह ने शपथ पथ दिया कि उसने कभी भी मुख्तारेनामा खंडित कराता तो उस स्थिति में पीड़ित द्वारा खरीदी गई भूमि की धनराशि को 36 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करेगा।
आरोप है कि आरोपित ने बिना किसी सूचना के मुख्तारेनामा खंडित कराकर भूमि को अपने बेटे मनोज के नाम कर दी। इसका पता चलने पर पीड़ित महेश ने विरोध किया तो आरोपितों ने जान से मारने की धमकी देकर रकम लौटाने से मना कर दिया।
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वहीं, अब पीड़ित ने अपने स्तर से जांच कराकर मामले में रतन सिंह, मनोज कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार और रोहताश कुमार के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इस मामले में एसीपी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर दस्तावेज और लेन-देन के तथ्यों पर जांच कर रहे हैं।
