नवरात्रि में हो रही देवी की पूजा और अस्पताल में दलालों ने किया बेटी का सौदा, जन्म देने वाली मां देगी हर सवाल का जवाब
ग्रेटर नोएडा के नवजीवन हॉस्पिटल में एक नवजात बच्ची की 2.60 लाख रुपये में खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया ...और पढ़ें

बच्ची को बेचने के संबंध में अस्पताल प्रबंधन के दावे से उपजे कई सवालों के जवाब जन्म देने वाली मां ही दे सकती है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। नवजीवन हॉस्पिटल में नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां मां ने नौ महीने गर्भ में रखकर सहन की गई पीड़ाओं के बाद जन्म लेने वाली बेटी को महज पांच दिन में बेचने की सहमति दे दी। अस्पताल की मालकिन यशिका गर्ग और नर्स जो स्वयं महिला हैं, ने आनन-फानन सौदा पक्का कर लिया।
यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और मूल्यों पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। यह अपराध भी ऐसे समय में सामने आया है जब चैत्र नवरात्रि का त्योहार घर-घर में मनाया जा रहा है, जिसमें देवी की पूजा की जाती है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन के दावे से उपजे कई सवालों के जवाब जन्म देने वाली मां ही दे सकती है।
कैसे हुआ खुलासा और बचाव?
जानकारी के अनुसार, बच्ची गोद लेने के इच्छुक नोएडा निवासी दंपती ने कानूनी तरीके से बच्ची गोद लेने की इच्छा जताई। अस्पताल पक्ष ने उनसे संपर्क कर बच्ची को 'गोद' (बेचने) देने के नाम पर 2.60 लाख रुपये का सौदा तय किया। आरोपितों ने दबाव बनाया कि वे जल्दी फैसला लें वरना अन्य लोग खरीद लेंगे। इस बात से दंपती को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और पुलिस को सूचना दे दी।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), बिसरख कोतवाली पुलिस और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने रंगे हाथों कार्रवाई की। अंतत: अस्पताल मालकिन यशिका गर्ग, सफाईकर्मी गजेंद्र सिंह और टेक्नीशियन रंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। नर्स पुष्पा और उसके पति फरार हैं, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पुलिस जांच के अनुसार
- बच्ची का जन्म महज 5 दिन पहले हुआ था।
- अंजली नामक महिला ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर बच्ची को अस्पताल को सौंप दिया था। उसने बिल भी पूरा नहीं चुकाया था।
- अस्पताल प्रबंधन ने लालच में बच्ची का अवैध सौदा कर दिया।
- बच्ची को रेस्क्यू कर मेडिकल जांच के बाद सेक्टर-12/22 स्थित साईं कृपा शिशु गृह में दाखिल कराया गया।
जन्म देने वाली मां को तलाश रही पुलिस
यह घटना बेटी के प्रति समाज की सोच पर गहरा सवाल उठाती है। यदि बच्ची समझ पाती, तो शायद ईश्वर से यही प्रार्थना करती कि 'अगले जन्म में मुझे बिटिया न कीजो...' लेकिन सुखद पक्ष यह है कि जागरूक दंपती की सूचना से बच्ची बच गई और आरोपित सलाखों के पीछे पहुंच गए। पुलिस की जांच जारी है। हालांकि, बच्ची को जन्म देने वाली मां का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर महिला की तलाश की जा रही है। वहीं, पुलिस आरोपितों से पूछताछ के बाद मिलने वाले एंगिल पर भी काम करेगी।
