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इंजीनियर युवराज मौत मामले में नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो और बिल्डर गिरफ्तार

Published: Thu, 22 Jan 2026 02:58 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की सेक्टर-150, नोएडा में डूबने से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई ...और पढ़ें

HighLights

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की डूबने से हुई थी मौत

  2. ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दो और बिल्डरों को किया गिरफ्तार

  3. लापरवाह बिल्डरों पर पुलिस की लगातार कड़ी कार्रवाई

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और बिल्डरों गिरफ्तार किया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पांच बिल्डरों के खिलाफ कल ही मामला दर्ज हुआ था। लोटस ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल व सचिन कर्णवाल को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को पहले ही पुलिस जेल भेज चुकी है। लापरवाह बिल्डरों पर पुलिस लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। 

एनजीटी ने मांगा जवाब

एनजीटी ने नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश प्रधान सचिव (पर्यावरण), गौतम बुद्ध नगर जिलाधिकारी को मामले में प्रतिवादी बनाते हुए 10 अप्रैल 2026 को निर्धारित अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

ये थी पूरी घटना

नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात नोएडा के सेक्टर-150 के पास एटीएस ली-ग्रैंडिओस मोड़ पर निर्माणाधीन माल के बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर कार सवार साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की मौत हो गई। मोड़ के पास कार अनियंत्रित होने से हुआ हादसा। घना कोहरा और तेज रफ्तार से हादसे की आशंका है।

डूबने से पहले युवराज ने पिता को कॉल कर बताया कि वह डूब रहा है, उसे आकर बचा लें। आनन-फानन में घबराए हुए पिता 15 मिनट के अंदर ही वहां पहुंच गए। पुलिस भी 15 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई, लेकिन वह डूबते बेटे को नहीं बचा सकें।

दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ ने करीब साढ़े चार घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवराज को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक के पिता ने कोतवाली में दी तहरीर में घटना स्थल के पास बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर नहीं होने से हादसे का आरोप लगाया है। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसायटी निवासी राजकुमार मेहता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से निदेशक के पद से सेवानिवृत हैं। उनकी पत्नी की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है, वह यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहती है। बेटा युवराज मेहता गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था।

शुक्रवार रात वह गुरुग्राम से ग्रैंड विटारा कार से ड्यूटी कर घर लौट रहा था। घने कोहरे के कारण घर से करीब एक किलोमीटर पहले सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट पर कार नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी। ज्यादा पानी होने से कार पलटने के बाद तैरने लगी। किसी तरह युवराज कार से बाहर निकलकर उसके ऊपर चढ़ गया। मोबाइल फोन से पिता को घटना बताई।

पिता ने आनन-फानन डायल-112 पर सूचना देकर मौके पर पहुंचे। कंट्रोल रूम से सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह मौके पर पहुंचे। नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से दमकल कर्मी भी छोटी- बड़ी क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे। इंजीनियर को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

युवराज बीच-बीच में मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर बचाओ-बचाओ की गुहार लगाते रहा। अंधेरा व घना कोहरा होने से पुलिस और दमकल विभाग को मशक्कत करनी पड़ी। पानी की गहराई के भय से पुलिस और दमकलकर्मी जोखिम नहीं उठा सके। इसके चलते रात 1:45 बजे युवराज कार सहित पानी में डूब गया।

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इस बीच पहुंची एसडीआरएफ टीम पर जरूरी संसाधन नहीं होने से उसे नहीं खोज सकी। गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची। ढाई घंटे रेस्क्यू आपरेशन चलाकर स्टीमर उतारे टॉर्च जलाकर युवराज को पानी से निकाला। आनन-फानन कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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