'मेरा बेटा 2 घंटे तक तड़पता रहा', पिता के बयान के बाद नोएडा अथॉरिटी के JE बर्खास्त; कठघरे में सिस्टम
ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की बेसमेंट में डूबने से मौत के मामले में पुलिस ने दो बिल्डर कंपनियों, ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की नोएडा सेक्टर-150 टी प्वाइंट के पास बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत डूबने से मौत के मामले में नालेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उधर, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. ने नोएडा ट्रैफिक सेल (एनटीसी) के जेई की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेक्टर-150 के क्षेत्र में आसपास कार्यरत एनटीसी के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिल्डर को निर्माण से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में चल रही सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का तत्काल निरीक्षण करें। सुरक्षा उपायों बैरिकेडिंग, लाइटिंग, चेतावनी संकेत और जल निकासी सुनिश्चित कराएं।

इसी बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर हुई मौत। जागरण
पीड़ित पिता क्या बोले?
पीड़ित के परिवार ने बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया है, और कहा है कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी, क्योंकि वह दो घंटे तक जूझता रहा। एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए पीड़ित पिता राजकुमार मेहता ने कहा, 'उनका बेटा खुद को बचाने के लिए पानी में लगभग दो घंटे तक पानी में संघर्ष करता रहा।' उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को बचाने के बजाय कुछ लोग वीडियो बना रहे थे। वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी उसे बचा नहीं पाए। उनके पास कोई गोताखोर नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया, 'इस पूरे मामले में प्रशासन की तरफ से लापरवाही हुई है।' उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
साइट पर मॉल के बेसमेंट का चल रहा काम
बताया गया कि इन बिल्डरों की साइट पर मॉल के बेसमेंट का कार्य चल रहा है, जिसमें पानी भरा हुआ था। नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसायटी निवासी पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, किसी व्यक्ति द्वारा लापरवाही या जल्दबाजी से किसी की मौत, मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने की धाराएं लगाई गई हैं।
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वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि युवराज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत की पुष्टि हुई है। शुक्रवार रात कड़ाके की सर्दी थी। बेसमेंट में भरा पानी बेहद ठंडा था। ऐसे में ठंडे पानी में भीगने के बाद युवराज की हालत खराब होती गई।
बताया गया कि दो घंटे तक युवराज पानी के बीच में खड़ी कार पर खुद को बचाने की उम्मीद लगाए रहा, लेकिन मदद में देरी होने से उम्मीद टूटने लगी। ऐसे में आशंका है कि घबराहट में कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हो गई थी।
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सिर्फ घटनास्थल के सामने सुरक्षा के उपाय
हादसे के बाद प्राधिकरण की तरफ से घटनास्थल के पास मिट्टी का ढेर, लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेडिंग के साथ जर्सी बैरियर रखवाए गए हैं। हालांकि, अब भी निर्माणाधीन बेसमेंट के चारों तरफ सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। सिर्फ घटनास्थल के सामने ही किए गए हैं।
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सिस्टम को कोसते रहे लोग
युवराज की मौत को लेकर आसपास के लोग आक्रोशित हैं। रविवार को भी घटनास्थल पर सुबह से शाम तक भीड़ जुटी रही। हर कोई सिस्टम को कोसते दिखा। कहा कि जिम्मेदार विभाग लापरवाही नहीं बरतते तो युवराज की जान बच सकती थी।
