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Exclusive: फॉर्म में E-20 और फ्यूल के अंतर से फंसा 40 वाहनों का पंजीकरण, विभाग के चक्कर काट रहे लोग

Published: Thu, 16 Jul 2026 11:47 AM (IST)

नोएडा में ई-20 और पेट्रोल फ्यूल के फॉर्म में अंतर के कारण 40 वाहनों का पंजीकरण फंसा है। वाहन मालिक ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. ई-20 और पेट्रोल फ्यूल के फॉर्म में अंतर।

  2. नोएडा में 40 वाहनों का पंजीकरण फंसा।

  3. पंजीकरण में 10-15 दिन का अतिरिक्त समय।

प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। फार्म में ई-20 और पेट्रोल फ्यूल के बीच 40 वाहनों का पंजीकरण फंस गया है। वाहन मालिक रोजाना डीलर और परिवहन विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

फार्म में हुई त्रुटि को सुधार करने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। डीलर और वाहन निर्माता कंपनी दोनों के फार्म में एक समान फ्यूल दर्ज होने के बाद वाहन का पंजीकरण हो रहा है।

1 अप्रैल से ई-20 फ्यूल की व्यवस्था शुरू

वाहन खरीदार को निर्माता कंपनी और डीलर से फार्म-22 मिलता है। 1 अप्रैल से ई-20 फ्यूल की व्यवस्था शुरू हुई है। वाहन निर्माता कंपनी की ओर से जारी होने वाले फार्म पर पेट्रोल फ्यूल दर्ज आ रहा है। दोनों दस्तावेजों में फ्यूल प्रकार में अंतर परिवहन विभाग के साफ्टवेयर और सिस्टम में अड़चन बन रहा है। इसकी वजह से पंजीकरण प्रक्रिया रुक गई है।

सिस्टम अपडेट के कारण शुरू हुई यह दिक्कत

पीड़ित के अनुसार, गाड़ी बुकिंग के समय सब कुछ ठीक था। डिलीवरी के बाद पता चला कि पंजीकरण नहीं हो रहा है। एक सप्ताह से डीलर और परिवहन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। ई-20 की अनिवार्यता के बाद फार्म में बदलाव और सिस्टम अपडेट के कारण यह दिक्कत शुरू हुई है।

वाहनों की पंजीकरण में परेशानी बढ़ी

निर्माता कंपनी से डीलर के माध्यम से ई-मेल पर स्पष्टीकरण आता है। इसके बाद वाहन का पंजीकरण हो रहा है। ऐसे मामलों में 10 से 15 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है। अप्रैल से शुरू हुई ई-20 फ्यूल की अनिवार्यता से फार्म में आई त्रुटि से वाहनों की पंजीकरण में परेशानी बढ़ी।

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एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार ने बताया कि डीलर और वाहन निर्माता कंपनी के फार्म में अलग-अलग फ्यूल होने पर कुछ वाहनों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। त्रुटि दूर होने पर प्रक्रिया के तहत पंजीकरण किया जा रहा है। अब शिकायतें कम हो गईं हैं। जल्द दूर भी होंगी।