'वाहनों को नुकसान होने पर कंपनियां लिखित गारंटी और मुआवजा दे', ई-20 पेट्रोल विवाद पर बोले केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और ऑटो कंपनियों पर ई-20 पेट्रोल थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने वाहनों को होने ...और पढ़ें
-1783441913595_m.webp)
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और ऑटो कंपनियों पर ई-20 पेट्रोल थोपने का आरोप लगाया।
HighLights
केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
ऑटो कंपनियों से वाहनों को नुकसान पर गारंटी मांगी जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए ई-0 पेट्रोल का विकल्प देने की मांग।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और कुछ ऑटो कंपनियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोप रही है और इसके समर्थन में कुछ वाहन कंपनियों से गलत दावे कराए गए हैं।
केजरीवाल ने कुछ कंपनियों के नाम लेकर कहा कि इन कंपनियों ने दावा किया है कि ई-10 मानक वाले वाहनों में भी ई-20 पेट्रोल से कोई नुकसान नहीं होगा, जबकि इन कंपनियों के ओनर मैनुअल में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग की सलाह नहीं दी गई है।
क्या कंपनियां लिखित गारंटी और मुआवजा देंगी: केजरीवाल
उन्होंने कहा कि वह इन कंपनियों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि यदि ई-20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन की माइलेज घटती है या इंजन तथा फ्यूल सिस्टम में खराबी आती है तो क्या कंपनियां इसकी लिखित गारंटी और मुआवजा देंगी। इसी तरह वह अगले सप्ताह प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने की मांग करेंगे कि ऐसे मामलों में नुकसान की भरपाई सरकार करेगी या वाहन निर्माता कंपनियां देगी।
विदेशों में उपभोक्ताओं को विकल्प दिए गए हैं: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि कई देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल होता है, लेकिन वहां चरणबद्ध तरीके से बदलाव किया गया और उपभोक्ताओं को विकल्प भी दिए गए। उनका दावा है कि भारत में 2023 से पहले बने करोड़ों पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहन ई-20 के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए सरकार को ई-20 के साथ ई-0 पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी गाड़ी के अनुसार ईंधन चुन सकें।
केजरीवाल ने चंदा चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
केजरीवाल ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले में चंदा चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि लोग चाहते हैं कि चंदा चोरों को फांसी दी जाए। केजरीवाल ने कहा कि कथित अनियमितताएं गंभीर थीं और इस मामले में एफआइआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अगर चोरी नहीं हुई होती, तो एफआइआर दर्ज नहीं की जाती और आठ लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता।
