दिल्ली के पहाड़गंज में 30 लाख की रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले बिल्डर-होटल कारोबारी समेत पांच गिरफ्तार
पुलिस ने मध्य दिल्ली के पहाड़गंज में 30 लाख की रंगदारी और फायरिंग मामले में अंतरराज्यीय उगाही गैंग का भंडाफोड़ ...और पढ़ें
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पुलिस ने अंतरराज्यीय उगाही गैंग का भंडाफोड़ किया है।
HighLights
पहाड़गंज में 30 लाख की रंगदारी और फायरिंग का मामला।
पुलिस ने अंतरराज्यीय उगाही गैंग के पांच सदस्य दबोचे।
मुख्य शूटर पवन पहलवान मुठभेड़ में गोली लगने से घायल।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में 30 लाख की रंगदारी और फायरिंग मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय उगाही गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बिल्डर-होटल कारोबारी समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इसमें मुख्य शूटर बहादुरगढ़ का पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान, गौतमबुद्ध नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर शक्ति सिंह, विशाल भाटी उर्फ भांजा, स्थानीय बिल्डर व होटल कारोबारी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली और उसका सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा शामिल हैं।
सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य शूटर व रंगदारी का संगठित गिरोह चलाने वाले बदमाश पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान को दबोच लिया। पकड़े जाने से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई उसकी दोनों टांग में गोली लगी है।
दो कारतूस, तीन खोखे और चोरी की एक बाइक बरामद की
पुलिस ने आरोपितों के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, तीन खोखे और चोरी की एक बाइक बरामद की है। जांच में पता चला कि पूरी साजिश पवन कुमार, पवन चेतली व राजेश सचदेवा ने मिलकर रची थी। दरअसल, पवन चेतली के कहने पर पवन कुमार इलाके में दबदबा बढ़ाने के लिए वसूली कर रहा था। 29 जून को पवन चेतली की सूचना पर वसूली का प्रयास किया गया था।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, 29 जून को बदमाश राहुल जिंदल नामक बिल्डर के दूसरी मंजिल स्थित आफिस में घुस गए थे। उस समय राहुल के पिता महेश चंद वहां मौजूद थे। अंदर पहुंचे पवन कुमार ने पिस्टल दिखाते हुए 30 लाख रुपये रंगदारी मांगी और पांच लाख रुपये तुरंत इंतजाम करने के लिए कहा गया।
कई राउंड गोलियां चलाई और बदमाश फरार हो गए
मना करने पर आरोपित ने जान से मारने की नीयत से कई राउंड गोलियां चलाई और बदमाश फरार हो गए। नबी करीम थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। स्पेशल स्टाफ और नबी करीम थाने की पांच टीमों का गठन किया गया। जांच के बाद पुलिस ने सबसे पहले विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया।
उसने पूछताछ के दौरान पूरी साजिश से पर्दा उठा दिया। विशाल ने बताया कि स्थानीय बिल्डर व होटल मालिक पवन चेतली अपने साथियों राजेश सचदेवा व शक्ति सिंह के साथ मिलकर इलाके में रंगदारी का रैकेट चला रहा था। पवन कुमार को जानबूझकर पहाड़गंज व नबी करीम में एक्टिव किया गया। पवन चेतली ने चुन-चुनकर अपने विरोधियों होटल मालिकों व बिल्डरों से वसूली करवाना शुरू कर दिया।
पवन चेतली व राजेश सचदेवा को भी गिरफ्तार कर लिया गया
बाद में शक्ति को कोलकाता से दबोच लिया। इसके बाद पवन चेतली व राजेश सचदेवा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को सूचना मिली कि मुख्य आरोपित व शूटर पवन कुमार आइटीओ स्थित कब्रिस्तान के पास आने वाला है। उसे घेरने का प्रयास किया गया तो उसने टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में उसकी टांग में दोनों टागों में गोली लगी। बाद में उसे काबू कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
