डॉक्टर की सलाह, परामर्श और जांच से पहले एंटीबायोटिक दवाई से दूरी 'सबसे ज्यादा जरूरी'
नोएडा में दैनिक जागरण के जागरूकता अभियान के तहत डॉक्टरों ने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी। कोरोना काल ...और पढ़ें
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सेक्टर-121 स्थित होम्स 121 सोसायटी में एएमआर पर प्रहार पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करतीं डॉ. पूजा भाकुनी। जागरण

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, नोएडा। कोरोना काल के बाद सामान्य बीमारी में सर्च इंजन की मदद से गलत और अधूरी जानकारी लेकर खुद को डाक्टर समझ रहे मरीजों की अपनी ही लापरवाही भारी पड़ रही है। हालात ऐसे हो रहे हैं कि डाक्टर से बिना परामर्श किए एंटीबायोटिक दवाई लेकर खाना शरीर को कमजोर कर गंभीर बीमारी बढ़ा रहा है, जो आने वाले समय में जानलेवा साबित हो सकती है।
दैनिक जागरण द्वारा चलाए जा रहे एंटीबायोटिक दवाइयों पर जागरूकता अभियान के दूसरे चरण में हम सबसे पहले सेक्टर-121 स्थित होम्स 121 सोसायटी पहुंचे। यहां फेलिक्स हास्पिटल की जनरल फिजिशियन डॉ. पूजा भाकुनी ने बेहतर स्वास्थ्य के टिप्स दिए। एंटीबायोटिक दवाई का दुरुपयोग रोकने के लिए फायदे व नुकसान भी बताएं। जागरूकता सत्र में सोसायटी के लोगों ने सवाल पूछकर आशंका और अधूरा ज्ञान भी ठीक किया।
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सेक्टर-75 स्थित जेएम अरोमा सोसायटी में एएमआर पर प्रहार पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। जागरण
डॉ. पूजा के मुताबिक, सामान्य बीमारी में बिना परामर्श एंटीबायोटिक दवाई से दूरी सबसे ज्यादा जरूरी है। कहा कि, एंटीबायोटिक दवा शरीर में बीमारी के बैक्टीरिया मारती है। अधिकांश लोग दवाइयों का एक बार से ज्यादा या अधूरा सेवन करते हैं तो रेसिस्टेंस बढ़ जाते हैं। बीमार होने पर डाक्टर की सलाह लेकर ब्लड जांच कराए और फिर दवाइयों का नियमित कोर्स करें।
क्या कहते हैं कि होम्स 121 के लोग?
हम अपने स्वास्थ्य के लिए जाने-अनजाने में कितना खतरा बढ़ा रहे थे। ऐसा पहले कभी मालूम नहीं था। दैनिक जागरण का बहुत आभार करता हूं कि उन्होंने सोसायटी में सराहनीय कार्यक्रम किया। वरिष्ठ चिकित्सक ने भी अच्छे से जानकारी दी। -डीके शाक्य
दैनिक जागरण हमेशा से जन-जागरूकता के कार्यक्रम करता रहता है। पहले भी सोसायटी में साइबर सुरक्षा के लिए ''आनलाइन लुटेरा'' जागरूकता गोष्ठी की थी। अब एंटीबायोटिक दवाइयों पर बचाव का अभियान सराहनीय है। -जीडी शर्मा
मुझे पता नहीं था कि डाक्टर से बिना परामर्श किए मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवाई लेना कितना खतरनाक हो सकता है। फिजिशियन डा. पूजा ने बेहतरीन और सरल शब्दों में सभी को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन का मंत्र बताया है। -हरिमोहन राजवंशी
लोकेशन : सेक्टर-75 जेएम अरोमा सोसायटी
सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डा. पल्लव मिश्रा ने बताया कि टायफाइड, बुखार, जुकाम या अन्य सामान्य बीमारी में अधिकांश लोग केमिस्ट से दवाई लेकर खा लेते हैं। मरीज को भी एंटीबायोटिक दवाई की जानकारी नहीं होती या वो जल्दी आराम लगने की वजह से उसकी पूरी जानकारी नहीं कर पाते हैं। यही लापरवाही हमारे शरीर में बीमारी के बैक्टीरिया को बढ़ा देती है।
जब बैक्टीरिया और मजबूत होकर रेसिस्टेंस बना लेते हैं तो कुछ दिनों बाद एंटीबायोटिक दवाई का असर नहीं होता। उन्होंने बुजुर्ग और अन्य लोगों को सतर्क किया कि बीमारी में सबसे पहले डाक्टर से परामर्श लें। फिर चिकित्सक की सलाह पर ब्लड जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू करें।
डॉक्टर से दवाइयों की जानकारी लें। एंटीबायोटिक लेना क्यूं जरूरी है, इसकी जानकारी करें। सोसायटी में करीब डेढ़ घंटे तक सत्र में उन्होंने बुजुर्ग और अन्य स्टाफ के सवालों के जवाब देकर सभी को जागरूक किया। इस दौरान सोसायटी के लोगों ने दैनिक जागरण और वरिष्ठ चिकित्सक का आभार व्यक्त किया।
एएमआर से बचाव के लिए सुझाव
- वरिष्ठ चिकित्सक से बिना परामर्श किए कोई भी एंटीबायोटिक दवाई अपनी मर्जी ने लेकर न खाएं।
- बीमारी में ठीक महसूस होने के बाद भी एंटीबायोटिक दवाई का पूरा कोर्स कराएं।
- लंबी बीमारी में एंटीबायोटिक दवाई का लगातार सेवन न करें।
- आरओ का साफ पानी ही पीयें।
- हाइजीन का विशेष ध्यान रखें। हाथ धोने से संक्रमण की रोकथाम संभव है।
- बच्चों के साथ व्यस्कों का भी टीकाकरण कराकर संक्रमण फैलने से रोक सकते हैं।
- किसी भी ऑनलाइन ऐप से दवाई की जानकारी लेकर उसका सेवन न करें।
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सोसायटी में पहली बार एंटीबायोटिक दवाइयों पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ है। जनरल फिजिशियन ने काफी अच्छी तरह से एंटीबायोटिक दवाइयों के दुरुपयोग के बारे में बताया। हम सभी को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है।
-गरिमा त्रिपाठी
सोसायटी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम होते रहने चाहिए। कोरोना के बाद अधिकांश लोग आनलाइन वेबसाइट या ऐप से दवाईयों की जानकारी कर उन्हें बीमारी में खाने लगते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है।
-बीएस भरतवाल
दैनिक जागरण का जन-स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम काफी सराहनीय है। डॉ. पल्लव मिश्रा ने काफी सरलता से दवाई लेने में बरती जा रही लापरवाही बताकर सभी लोगों को अलर्ट किया है। बुजुर्गों के लिए यह जागरूकता कार्यक्रम ज्ञानवर्धक रहा।
- आरके अग्रवाल
दैनिक जागरण के ''एएमआर पर प्रहार- एंटीबायोटिक : लापरवाही नहीं चलेगी'' जागरूकता अभियान स्पष्ट संदेश रहा है कि एंटीबायोटिक पर लापरवाही नहीं चलेगी। हम सभी को भी बिना परामर्श और अधूरी जानकारी के कोई दवाई नहीं खानी चाहिए।
-मनु नागपाल
एएमआर पर जागरूकता कार्यक्रम काफी अच्छा है। स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए जमीनी स्तर पर इस तरह वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम होना जरूरी है। सबसे बड़ी बात है कि लोगों को इंटरनेट मीडिया और विभिन्न प्रकार के ऐप पर निर्भर रहना कम करना होगा।
-चक्रधर मिश्रा अध्यक्ष, एओए
