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सावधान! डब्बा ब्रोकर एप संग वेबसाइट के "भंवर" में फंसाकर ठगी कर रहे ठग, नोएडा में 48 शिकायत दर्ज

Published: Mon, 22 Jun 2026 07:24 AM (IST)

नोएडा में साइबर ठग डब्बा ब्रोकर ऐप और फर्जी वेबसाइटों के जरिए शेयर बाजार निवेश के नाम पर लोगों को ...और पढ़ें

डब्बा ब्रोकर एप संग वेबसाइट के जाल में फंसाकर ठगी।

डब्बा ब्रोकर एप संग वेबसाइट के जाल में फंसाकर ठगी।

HighLights

  1. नोएडा में डब्बा ब्रोकर ऐप से 48 निवेश धोखाधड़ी मामले।

  2. ठग छोटे मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम फंसाते हैं।

  3. फर्जी वेबसाइट और ऐप का उपयोग कर लोगों को ठगा जा रहा।

मुनीश शर्मा, नोएडा। डब्बा ब्रोकर एप संग वेबसाइट के जाल में फंसाकर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भी साइबर ठग पढ़े-लिखे लोगों तक से ठगी कर रहे हैं।

नोएडा में इस साल के शुरुआती साढ़े पांच माह में शेयर बाजार निवेश फ्रॉड संबंधी 48 शिकायत दर्ज हो चुकी हैं। इनमें सामने आया है कि ठग डब्बा ब्रोकर एप के इतर वेबसाइट के माध्यम से लोगों की जमा पूंजी उड़ा रहे हैं।

ठगी के लिए नामी ट्रेडिंग वेबसाइट के नाम का भी फायदा उठा रहे हैं। वह इन मिलती-झुलती वेबसाइट के नाम पर डब्बा ब्रोकर एप, ग्रुप व वेबसाइट बनाकर लोगों को झूठा भरोसा दिलाते हैं। यहां तक की नामी ट्रेडिंग प्लेटफार्म के प्रोफेसर व शेयर बाजार एक्सपर्ट के नाम भी उपयोग कर रहे हैं।

लोग गूगल सर्च कर वेबसाइट आदि के बारे में जानकारी करते हैं तो नामी बेवसाइट पर सभी जानकारी वास्तविक मिलती है। ठग अपनी हर चाल को कामयाब कर निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर करा लेते हैं। मुनाफे समेत रकम नहीं निकलने पर पीड़ितों को ठगी का अहसास होता है।

ठगने का तरीका एक समान

साइबर सुरक्षा पुलिस की जांच में भी सामने आ चुका है कि 18 डब्बा ब्रोकर साइट्स एक ही आइपी एड्रेस पर चलती मिलीं। इन साइट्स के डिजाइन व कोडिंग एक जैसे थे। इनके पंजीकरण जून 2024 के बाद के थे। अब भी साइबर ठग इस तरह से ही डब्बा ब्रोकर साइट्स का प्रयोग कर रहे हैं। डब्बा ब्रोकर साइट्स से ठगने का तरीका एक समान ही है। यह पहले छोटा निवेश कराकर मुनाफा दिखाते हैं। इस रकम को बैंक खाते में ट्रांसफर कर विश्वास दिलाया जाता है।

इसके बाद टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने को पैसा लगाने के लिए उकसाया जाता है। अंत में पैसा देना बंद करने पर खाते को फ्रीज करने की बात कहकर संपर्क तोड़ दिया जाता है। इनमें रकम खपाने के लिए म्यूल खातों का प्रयोग करते हैं।

क्या है डब्बा ब्रोकर

शेयर मार्केट में डब्बा ब्रोकर ऐसे व्यक्ति या कंपनी को बोलते हैं जो आधिकारिक स्टाक एक्सचेंज की बजाय, गैर-आधिकारिक 'डब्बा' बाजार में लेन-देन की सुविधा प्रदान करता है। यह सेबी के नियमों के विपरीत है, लेकिन ज्यादा मुनाफे का लालच देकर यह लोगों को फंसा लेते हैं। आजकल साइबर ठग भी डब्बा ब्रोकर का डिजिटल रूप तैयार कर लोगों से साइबर ठगी कर रहे हैं।

नोएडा में दर्ज साइबर ठगी के मामले
वर्ष मुकदमे
2026 165
2025 154
2024 134
2023 183
2022 49
2021 32
2020 14

केस एक : नोएडा सेक्टर 119 के रहने वाले इंजीनियर विनायक का नंबर ठगों ने इन्वेस्टमेंट वैल्यू एडेड गाइड नाम के वाट्सअप ग्रुप में जोड़ा। ठगों की बताई टोटेम-इन नाम एप पर पंजीकरण किया। ठगों के खातों में 30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम निकालनी चाही तो ठगों ने कर समेत कई मद के एवज में और रकम मांगी। रकम नहीं देने पर ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।

केस दो : गौर सिटी की रश्मि छिब्बर का मोबाइल नंबर टेलीग्राम पर गोल्ड फारेन एक्सचेंज ग्रुप जोड़ा गया। ठग ने खुद को चार्ल्स श्वाब फाइनेंशियल कंपनी का प्रतिनिधि बताकर शेयर बाजार में निवेश कराना शुरू कराया। 26 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पैसों की जरूरत पड़ने पर मुनाफे समेत रकम नहीं निकली। इससे ठगी होने का पता चला।

अंजान के कहने पर नहीं दें रकम

डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि अनजान के कहने पर रकम को ट्रांसफर नहीं करें। साइबर ठग डब्बा ब्रोकर एप की मदद से मनमाफिक मुनाफा दिखाते हैं। इसके एवज में पीड़ितों को जाल में फंसाकर रकम ठग लेते हैं। ठगी होने पर तुरंत एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।