नोएडा चाइल्ड पीजीआई में बच्ची की मौत पर परिजनों का हंगामा, नर्सिंग स्टाफ से मारपीट का आरोप
नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में दो साल की बच्ची की मौत हो गई। जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

नोएडा चाइल्ड पीजीआई, जागरण आर्काइव
HighLights
खोड़ा के युवक ने गंभीर बीमारी में बेटी को कराया था भर्ती, इलाज में लापरवाही का आरोप।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में शुक्रवार सुबह दो साल की बच्ची की मौत से गुस्साए स्वजनाें ने डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। डायल-112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने स्वजनों को शांत कराया।
आरोप है कि हंगामे के दौरान महिला स्वजनों ने सीनियर नर्सिंग स्टाफ से गाली-गलौज और मारपीट की। प्रबंधन ने स्वजनों के खिलाफ थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
खोड़ा में कालू सीमेंट एजेंसी के पास रहने वाले शिवाजी गुप्ता की दो वर्षीय बेटी राधिका कई दिनों से खून की कमी के कारण बीमार थी। उन्होंने बेटी की दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल में जांच कराई थी, लेकिन डाक्टर ने भर्ती नहीं किया तो 12 अक्टूबर से चाइल्ड पीजीआई में ले आए थे।
यहां वरिष्ठ चिकित्सक ने राधिका में खून की कमी से संबंधित जांच कराई। आरोप है कि बच्ची की हालत ठीक नहीं थी और डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ ने भी कोई जानकारी नहीं दी थी। बृहस्पतिवार शाम डाक्टर ने बच्ची काे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया।सुबह करीब साढ़े नौ बजे स्टाफ ने मरीज काे मृत घोषित कर दिया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
इस पर भड़के स्वजनों ने स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। प्रशासनिक विभाग में हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई बात सुनने को तैयार नहीं था।
शिवाजी ने बताया कि बेटी की मौत से सास और अन्य स्वजन काफी गुस्से में थे। हंगामे के समय वह भूतल पर कागज तैयार करा रहे थे।
नर्सिंग ऑफिसर ने क्या कहा?
नर्सिंग ऑफिसर दिनेश पाल का आरोप है कि स्वजनों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने सेक्टर-20 थाना पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। थाना प्रभारी का कहना है कि अभी मामले में लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
