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ग्रेटर नोएडा हादसे ने खोली पोल, 18 चालान कटने के बाद भी बेधड़क दौड़ रही थी बस

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:33 AM (GMT+05:30)

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक बस में आग लगने से परिवहन विभाग की लापरवाही उजागर हुई। बस पर 1.71 लाख ...और पढ़ें

नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती बस में लगी आग के बाद निकलती लपटें। सौ. सुधी पाठक

नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती बस में लगी आग के बाद निकलती लपटें। सौ. सुधी पाठक

HighLights

  1. नोएडा एक्सप्रेसवे पर बस में आग, 1.71 लाख के चालान।

  2. बस परमिट उल्लंघन, ओवरलोडिंग के 18 से अधिक चालान लंबित।

  3. अधिकारियों ने चालान के बावजूद बस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।

आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। आए दिन माल लादकर सड़कों पर दौड़ रही बसों पर कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार सिर्फ खानापूर्तिकी जा रही है। इसका एक और उदाहरण मंगलवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आग लगी बस में देखने को मिल गया।

इस बस का संचालन दिल्ली से बिहार के बीच यातायात नियमों की अनदेखी के साथ किया जा रहा था, लेकिन कार्रवाई महज यातायात चालान काटने तक सीमित रही।

बस पर कुल 18 चालान

बस के संचालन में नियमों की अनदेखी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ऑनलाइन परिवहन एप पर इस बस के खिलाफ 18 चालान दिख रहे हैं। जिसकी कुल रकम लगभग 1,71,500 रुपये बताई जा रही है। हालांकि परिवहन विभाग के अनुसार बस में 36 चालान कटे होना बताया जा रहा है।

इनमें से अधिकतर चालान परमिट उल्लंघन करने पर ही काटे गए हैं, इसके बाद भी जिम्मेदारों ने बस की परमिट निरस्त करने या सीज करने की कार्रवाई न करके सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रह गए और धड़ल्ले संचालक दिल्ली से बिहार रूट पर नियमों को ताख पर रखकर फर्राटा भरवाता रहा।

बस के खिलाफ कोई एक्शन नहीं

बता दें कि बस के वर्ष 2026 में ही परमिट उल्लंघन के तीन चालान कटे हैं और ओवरलोडिंग करने के भी चालान कटे हुए हैं। परमिट निरस्त या सीज करने के प्रविधान होने के बाद भी सिर्फ चालान काटने तक जिम्मेदार सीमित रह गए।

नियम के तहत लापरवाही बरतने पर वाहनों के खिलाफ मोटर अधिनियम की धारा 86 के तहत परमिट निरस्त करने की कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद भी नियमों को उल्लंघन जारी रहने पर वाहन सीज का नियम है।

क्या कहता है नियम?

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को आग लगी बस में संचालक की ओर से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट ली गई थी। इसके तहत पर्यटक वाहन देशभर में संचालित कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के 2023 के ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल्स परमिट नियमों का उद्देश्य वैध परमिट के आधार पर पर्यटक वाहनों का देशभर में निर्बाध संचालन है, लेकिन इसमें माल नहीं लाद सकते। इसके बाद भी नियम का उल्लंघन किया जा रहा था।

कब-कब कटा चालान?

  • ओवरलोडिंग के मामले में सात सितंबर को 31 हजार रुपये का चालान कटा।
  • 22 जुलाई को 17.500 रुपये का चालान कटा।
  • जून में दो बार परमिट उल्लंघन के आरोप में चालान कटा।
  • मार्च में 12.500 रुपये का परमिट उल्लंघन के आरोप में चालान कटा।
  • ओवरलोडिंग के आरोप में 15 मई 2025 को 35 हजार का चालान कटा।

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