विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक, AI सिटी से लेकर लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के लिए बड़े फैसले

Published: Thu, 29 Oct 2026 12:19 PM (IST)

नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक में एआई सिटी, लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ...और पढ़ें

नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक बुधवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश सहित ग्रेटर नौएडा और एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सौ. सोशल मीडिया

नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक बुधवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश सहित ग्रेटर नौएडा और एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सौ. सोशल मीडिया

HighLights

  1. एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क के विकास को सैद्धांतिक मंजूरी मिली।

  2. सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान को अंतिम अनुमोदन, व्यापार सुगम होगा।

  3. औद्योगिक इकाइयों के लिए अंतरण शुल्क घटाकर 5% किया गया।

डिजिटल डेस्क, नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 224वीं महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में एआई सिटी से लेकर लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। बुधवार को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और अध्यक्ष नोएडा दीपक कुमार की अध्यक्षता में यह निर्णल किए गए। इस बैठक में शहर के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े कई बड़े विषयों पर चर्चा की गई...

नोएडा में एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क का विकास

उत्तर प्रदेश प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम, 2025 को अंगीकृत करते हुए नोएडा में एआई सिटी सह बिजनेस पार्क के विकास को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी/आईटीईएस, अनुसंधान, स्टार्टअप और कौशल विकास से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

नोएडा के सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान को अंतिम मंजूरी

शहर में माल परिवहन और वितरण को अधिक कुशल बनाने, लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए 'सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान' की अंतिम रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया है। इसे अब शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, जिससे शहर में सुगम व्यापार संचालन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

'ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स' की योजना को हरी झंडी

सेक्टर-147 में आईटी/आईटीईएस परियोजना और सेक्टर-105 में ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्सशासन की मंशा के अनुरूप सेक्टर-147 में विश्वस्तरीय जीसीसी हब और ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस सृजित करने के लिए 68,000 वर्ग मीटर भूमि पर भू-आवंटन योजना की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, सेक्टर-105 में 12,596.64 वर्ग मीटर वाणिज्यिक भूमि पर एक एकीकृत 'ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स' की योजना लाने को भी हरी झंडी मिल गई है।

यूनिफाइड रेगुलेशंस, 2025 में संशोधन

औद्योगिक इकाइयों को राहतकार्यशील औद्योगिक इकाइयों का अंतरण शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इकाई को कार्यशील करने की मूल अवधि या उसके उपरांत समयवृद्धि के नियमों को सरल बनाते हुए उद्यमियों को बड़ी राहत दी गई है।

प्राधिकरण के संस्थानों पर सौर ऊर्जा क्षमता का विस्तार

नोएडा प्राधिकरण के सीवेज शोधन संयंत्रों, बहुमस्तरीय कार पार्किंग और गंगाजल भूमिगत जलाशयों पर आरईएससीओ पद्धति से लगभग 15 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे आगामी 25 वर्षों में लगभग पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है।

मोबाइल टावर नीति और 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों का त्वरित निस्तारण

भारत सरकार की नीति के अनुरूप मोबाइल टावर एवं राइट ऑफ वे से संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पूर्व के भारी आवेदन शुल्क और बैंक गारंटी की शर्तों को हटा दिया गया है। साथ ही, 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के त्वरित निस्तारण के लिए नोएडा महायोजना-2031 के जोनिंग रेगुलेशन में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

यह भी पढ़ें- नोएडा में सुपरटेक खरीदारों को बड़ी राहत की उम्मीद, 1500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

यह भी पढ़ें- नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला, मास्टर प्लान-2031 में बदलाव; अब गांव से लगी जमीन पर मिलेंगे 5 प्रतिशत प्लॉट