नोएडा में भूमाफिया के अवैध कब्जे पर प्राधिकरण ने चलाया बुलडोजर, गेट और बाउंड्रीवॉल जमींदोज
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-126 के रायपुर गांव में अपनी अधिग्रहित भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने के लिए ...और पढ़ें

नोएडा में भूमाफिया के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर। फोटो- दैनिक जागरण
HighLights
नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की।
भूमाफिया ने विरोध किया, पर गेट ढहाया गया।
मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-126 स्थित रायपुर गांव में सदरपुर के खसरा नंबर 458, 459, 461, 479 और 488 की जमीन नोएडा प्राधिकरण की अधिग्रहित और कब्जा प्राप्त भूमि है।
आरोप है कि इस पर भूमाफिया ने कब्जा कर निर्माण शुरू करा दिया है। प्राधिकरण के सीईओ और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध निर्माण जारी है।
परिसर का गेट समेत बाउंड्री ढहा
प्राधिकरण सीईओ के निर्देश पर मंगलवार को वर्क सर्किल नौ की टीम प्राधिकरण पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और निर्माण रुकवाने का प्रयास किया। इस दौरान विरोध हुआ और विभिन्न संगठनों के लोग भी वहां पहुंच गए। कई घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
इसी बीच कब्जाधारियों ने चार-चार फीट ऊंची दीवारों वाले परिसर का गेट अंदर से बंद कर लिया। प्राधिकरण अधिकारियों के प्रयास के बाद भी गेट नहीं खुला तो तोड़फोड़ टीम ने गेट समेत बाउंड्री ढहा दी। इसके बाद टीम मौके से रवाना हो गई।
भूमाफिया ने बोर्ड उखाड़कर फेंका
नोएडा साफ्टवेयर आइटीईएस इंफ्रास्ट्रक्चर एसोसिएशन सदस्य विपिन सिंह ने बताया कि रायपुर स्थित सेक्टर-126 में करीब पांच हेक्टेयर जमीन का किसानों ने मुआवजा ले रखा है।
प्राधिकरण ने जमीन पर कब्जा लेकर वहां नोएडा भूमि का बोर्ड लगाया था। भूमाफिया ने बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया और अवैध निर्माण शुरू करा दिया।
जमीन पर बनी छह मंजिली इमारतें
जमीन के बड़े हिस्से पर छह-छह मंजिला इमारतें बन चुकी हैं, लेकिन प्राधिकरण इन्हें ढहा नहीं पाया है। पिछले दो वर्ष से इस मामले में लिखित शिकायत देकर प्राधिकरण से जमीन बचाने की मांग कर रहा है।
संगठन के सदस्य विपिन कुमार के अनुसार, सदरपुर के खसरा नंबरों की जमीन प्राधिकरण की है और सेक्टर-126 में अधिग्रहित भूमि का विवरण उसके रिकार्ड में दर्ज है। उन्होंने कहा कि सर्कल अधिकारियों ने जमीन पर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनवाई।
कुछ महीने पहले तत्कालीन सीईओ डा. लोकेश के संज्ञान में मामला लाए जाने पर कार्रवाई कर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया था, लेकिन अब फिर अवैध कब्जे की शिकायत सामने आई है।
मंगलवार की घटना की जानकारी वर्क सर्किल नौ के वरिष्ठ प्रबंधक अनिल मोराल और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्पराज सिंह को नहीं थी। दोनों ने घटना की जानकारी से इनकार किया।
भूमाफिया के खिलाफ ‘जीरो टालरेंस’ की नीति
यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमाफिया के खिलाफ ‘जीरो टालरेंस’ नीति के बीच सामने आई है। नीति के तहत सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को 24 घंटे में जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया जाता है। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना, संपत्ति जब्ती, बुलडोजर से निर्माण गिराने और अवैध कमाई ब्याज सहित वसूलने का प्रावधान है।
