नोएडा एयरपोर्ट पर घरेलू कार्गो सेवा शुरू, चेन्नई से आया ई-कॉमर्स प्रोडक्ट्स व नोएडा से मुंबई-हैदराबाद भेजी लीची
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह घरेलू कार्गो सेवा का औपचारिक शुभारंभ हुआ। चेन्नई से ई-कॉमर्स सामान लेकर पहली फ्लाइट पहुंची, जिससे क्षेत्र के उद्योगों और किसानों को लाभ मिलेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे एफकाॅन कार्गो के विमान को वाटर कैनन से फायर टेंडर्स ने किया सैल्यूट।
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट पर घरेलू कार्गो सेवा का शुभारंभ।
चेन्नई से ई-कॉमर्स सामान लेकर पहली फ्लाइट पहुंची।
क्षेत्र के उद्योगों और किसानों को मिलेगा सीधा लाभ।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे घरेलू कार्गो सेवा की औपचारिक शुरुआत हो गई। चेन्नई से ई-कॉमर्स सामान लेकर पहली कार्गो फ्लाइट नोएडा पहुंची। विमान को फायर टेंडरों ने वॉटर कैनन सैल्यूट देकर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पहुंचे विमान से कर्मचारियों ने चेन्नई से आए सामान को अनलोड किया। वहीं, नोएडा से ई-कॉमर्स सामान लादकर यह फ्लाइट वापस चेन्नई के लिए रवाना हुई।

इसके अलावा पठानकोट के किसानों से खरीदी गई ताजा लीची भी नोएडा एयरपोर्ट पहुंची। सूर्या कार्गो कंपनी ने लीची को मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु भेजने की तैयारी की गई। आशा की जा रही है कि इस सेवा के शुरू होने से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार देने में बड़ी मदद मिलेगी।

एफकॉन होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कैप्टन दीपक परशुरामन तथा कैप्टन अतुल सिंह ने रनवे के अनुभव साझा करते हुए कहा कि नोएडा एयरपोर्ट का रनवे बेहद आधुनिक और सुविधाजनक है। इस सेवा से क्षेत्र के उद्योगों और किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। शुरुआती चरण में घरेलू कार्गो संचालन शुरू किया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा जल्द शुरू होने वाली है।

यात्री उड़ानों के बाद शुरू हुई इस सेवा से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कार्गो का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। एयर इंडिया सेट्स द्वारा विकसित मल्टी मॉडल कार्गो हब से यह सेवा शुरू की गई है। शुरुआत में केवल घरेलू कार्गो संचालन हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा दिसंबर तक शुरू होने की संभावना है।

इस हब का विकास 87 एकड़ में किया जा रहा है, जिसमें शुरुआती चरण में 30 एकड़ क्षेत्र को सक्रिय किया गया है। परियोजना पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पूरी क्षमता पर यह हब सालाना 2.55 लाख मेट्रिक टन कार्गो हैंडल करने में सक्षम होगा।

कार्गो सेवा शुरू होने से गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के उद्योगों, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड गारमेंट्स और कृषि उत्पादों को बड़ा लाभ मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस हब में एक्स-रे मशीनें, फोर्कलिफ्ट और कोल्ड चेन सुविधा भी उपलब्ध है।
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