ग्रेटर नोएडा से जेवर तक बनेगा नया रास्ता, एयरपोर्ट को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जेवर तक नई कनेक्टिविटी अगले दो माह में तैयार होगी। यीडा सिटी की ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जेवर तक नई कनेक्टिविटी अगले दो माह में तैयार होगी। इमेज एआई
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट-जेवर कनेक्टिविटी दो माह में होगी तैयार।
यीडा 60 मीटर सड़क का सबौता गांव तक विस्तार करेगा।
सड़कों पर इस साल 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के साथ जेवर तक नया रास्ता अगले दो माह में तैयार हो जाएगा। यीडा सिटी की साठ मीटर चौड़ी सड़क का साबाैता गांव तक विस्तार किया जाएगा। इससे यह सड़क जेवर से भी जुड़ जाएगी।
यमुना एक्सप्रेसवे के विकल्प के तौर पर यह सड़क लोगों की आवाजाही आसान करेगी। एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव कम होगा। इस पर लोगों को टोल टैक्स का भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही यीडा इस साल में सड़कों के निर्माण पर 300 करोड़ रुपए खर्च करेगा।
यमुना प्राधिकरण की साठ मीटर चौड़ी सड़क ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी देती है। ग्रेटर नोएडा को नोएडा एयरपोर्ट तक सड़क की लंबाई 32 किमी है। यीडा मेंं इसकी लंबाई तकरीबन 25 किमी है। जेवर तक यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर एक और कनेक्टिविटी देने के लिए प्राधिकरण इस सड़क का साबाैता तक विस्तार करेगा।
इसके लिए तीन किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। दनकौर में जमीनी विवाद निपटने के बाद काम शुरू हो गया है। रुस्तमपुर में सड़क पर डामरीकरण शेष है जबकि दयानतपुर में किसानों के साथ जमीनी विवाद हल होने के बाद निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्राधिकरण सड़क के अधूरे हिस्से को जल्द पूरा कर ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी शुरू करेगा। जेवर के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के अतिरिक्त एक और मार्ग तैयार हो जाएगा।
सड़कों के निर्माण पर 300 करोड़ होंगे खर्च
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के साथ यीडा सिटी की सड़कों को भी दुरुस्त किया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए 300 करोड़ रुपए का बजट में प्रविधान किया है। इस रकम से विकसित सेक्टरों में अधूरी सड़कों का निर्माण पूरा किया जाएगा। जिससे यीडा के सेक्टरोंं व शहर में आवाजाही आसान हो जाएगी।
यीडा अभी तक 3113 औद्योगिक भूखंड आवंटित कर चुका है। 33 फैक्ट्री क्रियाशील होने के अलावा इस साल के अंत तक साै से अधिक इकाईयां और क्रियाशील हो जाएंगे। इसमें मुख्य तौर पर सेक्टर 32, 33 में टाय पार्क, अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क के अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क आदि शामिल हैं।
सेक्टर में जमीनी विवाद के कारण कुछ सड़कों का निर्माण अधूरा है। प्राधिकरण जमीनी विवाद को निपटाकर इन सड़कों को पूरा करने में जुटा है। इससे फैक्ट्री में तैयार माल की आवाजाही आसान होगी। साथ ही आवासीय सेक्टर में बसावट होने से वहां रहने वालों को भी आने जाने में सुविधा होगी।
आवासीय सेक्टरों में अधूरी सड़कोंं को पूरा करेगा यीडा
सेक्टर 18 व 20, 22 डी आवासीय सेक्टर में सड़कों का अभी भी पूरी तरह से निर्माण नहीं हो पाया है। जगह-जगह सड़कें अधूरी हैं, जहां बन चुकी है वहां वर्षों से मरम्मत न होने के कारण जर्जर हो चुकी हैं। 120 मीटर चौड़ी सड़क और सेक्टर 22 डी में आवंटित किए गए फ्लैट तक पहुंचने अभी भी सड़कों का पूरी तरह से निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि आवासीय सेक्टर में एक हजार से अधिक लोग निर्माण कर कंप्लीशन ले चुके हैं।
सेक्टर 22 डी में रहने वालों को अभी भी बल्लूखेड़ा गांव से होकर जाना पड़ता है। सड़क समेत अन्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोग अपने फ्लैट में रहने को तैयार नहीं हैं। प्राधिकरण सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि साठ मीटर चौड़ी सड़क का साबौता तक विस्तार किया जाएगा। इससे जेवर तक आवाजाही आसान हो जाएगी। सड़कों के निर्माण पर यीडा चालू वित्त वर्ष में तीन सौ करोड़ रुपए खर्च करेगा।
