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नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो ने पकड़ी रफ्तार, चेन्नई से 7 दिन की जगह महज ढाई घंटे में मिल गया काॅपर

Published: Thu, 18 Jun 2026 04:37 PM (IST)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा शुरू होने से ग्रेटर नोएडा के एक उद्यमी को चेन्नई से 1.5 क्विंटल तांबा ...और पढ़ें

नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा शुरू होने माल की आवाजाही में आई तेजी। फोटो: आर्काइव

नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा शुरू होने माल की आवाजाही में आई तेजी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा का सफल शुभारंभ

  2. ग्रेनो के उद्यमी को चेन्नई से तांबा ढाई घंटे में मिला

  3. पश्चिमी यूपी के उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, निर्यात बढ़ेगा

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बुधवार को कार्गो विमान जिले के उद्यमियों के लिए नई उम्मीद लेकर उतरा। चेन्नई से उड़ान भरकर आए पहले कार्गो विमान ने यहां के कारोबार को रफ्तार दे दी।

इस विमान से ग्रेटर नोएडा के केडीएस ग्रुप ने 1.5 क्विंटल काॅपर मंगवाया, जो सिर्फ ढाई घंटे में उद्यमी के पास पहुंच गया। केडीएस ग्रुप के सीईओ विशाल गोयल ने बताया कि उन्होंने इमरजेंसी जरूरत के चलते कार्गो सेवा का इस्तेमाल किया।

पहले माल पहुंचने में लगते थे 7 दिन

पहले चेन्नई से कच्चा माल ट्रक या ट्रेन से मंगाने में 4 से 7 दिन लग जाते थे। अब कार्गो विमान ने यह दूरी ढाई घंटे में पूरी कर दी। हालांकि रफ्तार के साथ लागत भी बढ़ी है।

ट्रेन-ट्रक से 11 हजार तो प्लेन से लगे 45 हजार

ट्रेन-ट्रक से जहां किराया करीब 11 हजार रुपये पड़ता था, वहीं प्लेन माल मंगाने में 45 हजार रुपये खर्च हुए। विशाल गोयल के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई कार्गो सेवा ने कारोबारी प्रक्रिया को नई उड़ान दी है।

अब कच्चा माल और तैयार प्रोडक्ट की डिलीवरी देश के किसी भी कोने में चंद घंटों में संभव होगी। इससे प्रोडक्शन साइकिल तेज होगी और अचानक आई मांग को पूरा करना आसान हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभी तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के निर्यातकों को दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। वहां कार्गो हैंडलिंग में समय और जाम की समस्या रहती थी।

इमरजेंसी में सेवा साबित होगी गेम चेंजर

नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने से स्थानीय उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। समय की बचत से ऑर्डर समय पर पूरे होंगे और ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। भले ही कार्गो किराया 4 गुना ज्यादा हो, लेकिन इमरजेंसी में यह सेवा गेमचेंजर साबित होगी।

सामान्य दिनों में ट्रेन-ट्रक का विकल्प रहेगा, पर अर्जेंट शिपमेंट के लिए हवाई कार्गो पहली पसंद बनेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी यूपी निर्यात का नया हब बनने की ओर बढ़ चला है।

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