नया नोएडा बसाने का मास्टर प्लान तैयार, बनाए गए तीन वर्क सर्किल; दो जीएम को मिली अहम जिम्मेदारी
नया नोएडा बसाने के लिए तीन वर्क सर्किल बनाए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी दो महाप्रबंधकों (जीएम) को सौंपी गई है। ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
नया नोएडा के लिए तीन वर्क सर्किल गठित।
महाप्रबंधकों को भूमि अधिग्रहण व अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी।
मास्टर प्लान के तहत चार चरणों में होगा नियोजित विकास।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नया नोएडा बसाने के लिए तीन वर्क सर्किल बनाए गए हैं। वर्क सर्किल अधिकारी भूमि अधिग्रहण कराने और अतिक्रमण को रोकने का कार्य करेंगे।
नोएडा प्राधिकरण के दो जीएम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही यहां पर वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक की नियुक्त भी की जाएगी। पहले फेज में यहां छह लाख की आबादी होगी। इसी फेज में वर्क सर्किल 11, 12 और 14 बनाए गए हैं।
दो अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
बता दें वर्क सर्किल-11 की जिम्मेदारी महाप्रबंधक एसपी सिंह को दी गई है। वहीं सर्किल-12 और 14 की जिम्मेदारी जीएम एके अरोड़ा को दी गई है। दोनों की जिम्मेदारी तय करने का कार्यालय आदेश भी जारी हो चुका है। दोनों की जिम्मेदारी अवैध निर्माण को रोकना और विकास कार्य को बढ़ाने की तय की गई है।
क्या है नया नोएडा मास्टर प्लान?
नया नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहला चरण में 2023 से 2027 तक 3165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित होगा।
दूसरा 2027 से 2032 तक 3798, तीसरा चरण 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और चौथा चरण 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा।
मुआवजा नीति तय
प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा नीति तय कर दी है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि भू-स्थानिक डेटा के विश्लेषण के बाद तैयार होने वाला जीआईएस मैप यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत क्षेत्र कहां विकसित किए जाएं, जल निकायों का संरक्षण कैसे हो और सड़क नेटवर्क किस तरह तैयार किया जाए। इससे न्यू नोएडा को योजनाबद्ध और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
