ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। जून 2021 तक परियोजना को पूर्ण करने में असफल बिल्डरों को शून्य काल के लाभ की सुविधा निरस्त हो जाएगी। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दो बिल्डर गौर संस रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड एवं पंचशील बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड को शून्य काल का लाभ प्रदान कर दिया है। प्राधिकरण के इस कदम से दोनों बिल्डरों के निवेशकों को जल्द फ्लैट पर कब्जा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने अधर में फंसी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए उन्हें शून्य काल का लाभ देने का फैसला किया था।

पिछले दिनों ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्रदेश सरकार के इस फैसले का अनुमोदन किया गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने दो बिल्डरों को शून्य काल का लाभ प्रदान कर दिया है। लेकिन यह सुविधा तभी मान्य है, जब बिल्डर लिखित में प्राधिकरण को यह भरोसा देंगे कि वह अपूर्ण परियोजना का कार्य जून 2021 तक पूरा कर निवेशकों को कब्जा दे देंगे।

कब्जा देने में असफल बिल्डरों को शून्य काल के लाभ की सुविधा निरस्त हो जाएगी। शून्य काल के साथ कई शर्तें भी लगाई गई हैं। इसके तहत अगर प्राधिकरण आवंटित को जमीन सौंपने में असफल रहा है या फिर स्थगन के कारण आवंटन या कब्जे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा लीज डीड का निष्पादन नहीं हो पाया है। इन बिल्डरों को ही शून्य काल का लाभ विभिन्न अनुपात में दिया जाएगा।

बिल्डरों को आवंटित क्षेत्र का तीस फीसद से अधिक हिस्सा प्रभावित होने पर सौ फीसद शून्य काल का लाभ मिलेगा। बीस से तीस फीसद हिस्सा प्रभावित होने पर पचास फीसद का लाभ मिलेगा। दस से बीस फीसद हिस्सा प्रभावित होने पर 25 फीसद और दस फीसद तक हिस्सा प्रभावित होने पर अनुपात में शून्य काल का लाभ दिया जाएगा। समय विस्तारण शुल्क भी उतने हिस्से का लिया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य अधूरा है। जो बिल्डर परियोजना पूरा करने को तैयार नहीं है। प्राधिकरण को-डेवलपर्स सह विकासकर्ता के जरिये उनकी परियोजनाओं को पूरा कराने का प्रयास करेगा।

Posted By: Prateek Kumar

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