ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। यमुना प्राधिकरण ने एटीएस व सुपरटेक बिल्डर के खिलाफ 332.58 कराेड़ का नोटिस जारी किया है। दोनों बिल्डरों को यह राशि दो सप्ताह में जमा करानी होगी। राशि जमा न कराने पर प्राधिकरण बिल्डरों को आवंटित भूखंड में से व्यावसायिक व संस्थागत उपयोग की भूमि की लीज डीड निरस्त कर अपनी रकम की भरपाई करेगा। इसके साथ प्राधिकरण ने संस्थागत श्रेणी के 13 आवंटियों को भी नोटिस जारी किया है।

अतिरिक्त मुआवजा राशि के वितरण के लिए नहीं किया भगुतान  

सुपरटेक व एटीएस बिल्डर ने आवंटित भूखंड से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा राशि वितरण के लिए भुगतान नहीं किया है। जबकि किसान अतिरिक्त मुआवजा राशि के लिए प्राधिकरण पर लगातार दबाव बना रहे हैं। प्राधिकरण ने अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है, जिसके अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के इलाहाबाद हाइकोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया था, जिसमें आवंटियों से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा राशि वसूलने के शासनादेश का रद किया गया था। इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए यमुना प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर की थी। दो साल के इंतजार के बाद जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था।

पैसे नहीं देने पर नीलाम होगी जमीन

यमुना प्राधिकरण ने सुपरटेक बिल्डर को सेक्टर 17 ए में सौ एकड़ जमीन आवंटित कर रखी है। बिल्डर को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा राशि का 172.73 करोड़ रुपये प्राधिकरण को भुगतान करना है। अगर बिल्डर यह राशि भुगतान नहीं करता है तो प्राधिकरण उसकी 13270 वर्गमीटर व्यावसायिक व 25 हजार वर्ग मीटर संस्थागत जमीन को जब्त कर इसकी नीलामी से अपनी रकम की भरपाई करेगा। एटीएस बिल्डर के खिलाफ 159.85 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया गया है। बिल्डर परियोजना में 10016 वर्गमीटर व्यावसायिक व 33881 वर्गमीटर संस्थागत जमीन है। प्राधिकरण सीईओ डा. अरुणवीर सिंह का कहना है कि नोटिस मिलने के बावजूद राशि का भुगतान न करने वाले आवंटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

13 संस्थागत आवंटियों को भी नोटिस

यमुना प्राधिकरण ने संस्थागत श्रेणी के 13 आवंटियों को भी नोटिस जारी किया है। इन आवंटियों पर भी प्राधिकरण का 2377.21 करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण ने फिलहाल इन आवंटियों को अतिरिक्त मुआवजा राशि के 313.59 करोड़ रुपये, प्रीमियम व वाह्य विकास शुल्क के 918.70 करोड़ व लीजरेंट के 89.29 करोड़ रुपये के लिए नोटिस जारी किया है। इसके अलावा आवंटियों पर प्राधिकरण की अंतर धनराशि की 1055.63 करोड़ रुपये की भी देनदारी है।

कौन-कौन हैं आवंटी

इन आवंटियों में त्याग बिल्डस्पेस प्रा. लि., एमएमए ग्रेन्स मिल्स प्रा. लि., शकुंतला एजुकेशनल सोसायटी, शांति एजुकेशनल सोसायटी, बाबू बनारसी दास, सतलीला एजुकेशन फाउंडेशन, मारुति एजुकेशनल ट्रस्ट, जीएल बजाज एजुकेशनल ट्रस्ट, एक्सआइएमए इंटरप्राइजेज प्रा. लि., एसके कांट्रेक्ट प्रा.लि., चंद्रलेखा कंस्ट्रक्शन, प्रा. लि., इंडियन नालेज सिटी, एचपीएस आइटी सल्यूशन प्रा. लि.शामिल हैं।

एक मुश्त समाधान योजना में भी नहीं कर रहे आवेदन

यमुना प्राधिकरण ने 19 हजार से अधिक आवंटियों को बकाया राशि पर दंडात्मक ब्याज से राहत देने के लिए एक सितंबर से एक मुश्त समाधान योजना निकाली है। यह योजना 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। अधिकतर बड़े बकायेदारों ने अभी तक इस योजना में आवेदन नहीं किया है। केवल 58 बकायेदार आवंटियों ने ही अभी तक योजना में आवेदन किया है।

Edited By: Prateek Kumar

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