ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल दरें बढ़ सकती हैं। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में बोर्ड बैठक होगी। इसमें दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड ने मंजूरी दे दी तो जेपी के साथ एस्क्रो अकांउट खोला जाएगा। टोल दरों से प्राप्त धनराशि से एक्सप्रेस वे का रखरखाव करने की योजना है। हालांकि, टोल दरें अधिक नहीं बढ़ेंगी। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि मामूली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है।

उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा से आगरा तक बने 165 किमी लंबे एक्सप्रेस वे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आइआइटी ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। जेपी की लापरवाही के चलते आइआइटी के सुझावों पर अभी तक मात्र पंद्रह फीसद कार्य ही हुआ है।

यमुना प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा निगरानी समिति की शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक में एक्सप्रेस वे पर हुए कार्यों का ब्योरा दिया। समिति ने प्राधिकरण को कड़े उपाय करने के निर्देश दिए। वहीं जेपी इंफ्राटेक ने आइआइटी के सुझावों को पूरी तरह से लागू करने के लिए जून 2021 तक का समय मांगा है। हालांकि, यमुना प्राधिकरण ने आइआइटी के 16 सुझावों पर जेपी इंफ्राटेक को अमल करने के निर्देश दे रखे हैं। बावजूद इसके कार्य अधूरे हैं।

एक्सप्रेस वे के निकासी, प्रवेश, टोल प्लाजा, मुख्य मार्ग पर तीन लाख वर्गमी थर्मोंप्लास्टिक मार्किंग होनी बाकी है। दो टोल के बीच तय दूरी के हिसाब से वाहन की रफ्तार सीमा की जांच करने व निर्धारित रफ्तार से अधिक होने पर चालान काटने का आइआइटी ने सुझाव दिया था। इस पर भी पूरी तरह अमल नहीं हुआ है।

आइआइटी ने अपने अहम सुझाव में मेडियन (एक्सप्रेस वे के दोनों मार्गों के बीच का स्थान) पर क्रैश बीम बैरियर लगाने का सुझाव दिया था, ताकि एक ओर के वाहन हादसे के बाद दूसरे ओर के मार्ग पर न जा सकें। जेपी इंफ्राटेक ने सिर्फ जेवर टोल प्लाजा पर एक स्थान पर इसे लगाया है। अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए प्राधिकरण टोल दरों में मामूली वृद्धि करना चाहता है। प्राधिकरण सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एस्क्रो अकाउंट खोलकर टोल दरों से जमा हुई धनराशि से एक्सप्रेस वे का रखरखाव करने की योजना है।

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Posted By: Mangal Yadav

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