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नोएडा से 10 महीने पहले लापता हुआ किशोर, दिल्ली के गुरुद्वारे में पुलिस को लंगर खाता मिला

नोएडा से 10 महीने पहले लापता हुए जिस किशोर को खोजते खोजते पुलिस हलाकान हो गई। वह दिल्ली के गुरुद्वारे में पुलिस को लंगर खाता मिला। लापता किशोर को 21 जुलाई से लगातार पुलिस की एक विशेष टीम खोज रही थी। चार दिन पहले किशोर की एक फोटो इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों के साथ दिखी। इंस्टाग्राम पोस्ट की लोकेशन हरिद्वार की थी।

By Gaurav Sharma Edited By: Abhishek Tiwari Published: Thu, 16 May 2024 08:20 AM (IST)Updated: Thu, 16 May 2024 08:20 AM (IST)
नोएडा से 10 महीने पहले लापता हुआ किशोर, गुरुद्वारे में पुलिस को लंगर खाता मिला (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, नोएडा। नालाबिग बच्चे को खोजते-खोजते थक चुके स्वजन के चेहरे पर पुलिस ने खुशियां लौटा दीं। पुलिस ने 10 माह बाद 14 वर्षीय किशोर को दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास से सकुशल बरामद कर लिया। वह परीक्षा में फेल होने के डर से चाचा के घर से जुलाई 2023 में गायब हो गया था।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने टीम का उत्साहवर्धन किया और डीसीपी द्वारा टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। नोएडा जोन के डीसीपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि 21 जुलाई 2023 में सेक्टर-22 के अखंड प्रताप सिंह ने 14 वर्षीय भतीजे रनवीर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि वह शाम चार बजे कोचिंग के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा।

जताई जा रही थी अनहोनी होने की आशंका

मामला संवेदनशील होने के कारण किशोर के सकुशल बरामदगी के लिए दो टीमें गठित की गईं। किशोर को टीमें कई दिन तक तक तलाशती रहीं पर उसका कोई सुराग नहीं मिला। स्वजन भी उसके साथ अनहोनी होने की आशंका जताने लगे। एक टीम लगातार इस मामले को देख रही थी।

चार दिन पहले किशोर की एक फोटो इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों के साथ दिखी। इंस्टाग्राम पोस्ट की लोकेशन हरिद्वार की थी। इसके बाद एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र की अगुवाई में टीम को हरिद्वार भेजा गया।

बंगला साहिब गुरुद्वारे से लंगर खाकर निकल रहा था...

टीम ने पोस्ट में दिख रहे युवकों से जब संपर्क किया तो पता चला कि किशोर इस समय दिल्ली में है। इसके बाद टीम दिल्ली पहुंची और जब वह बंगला साहिब गुरुद्वारे से लंगर खाकर निकल रहा था तभी टीम के साथ गए उसके चाचा ने बच्चे को पहचान लिया।

भतीजे को सकुशल देख उसके चाचा गुरुद्वारे के बाहर ही उससे लिपटकर रोने लगे। उन्होंने पुलिस का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके ऊपर एक कलंक लग गया था, जिसे नोएडा पुलिस ने मिटा दिया है।

परीक्षा में फेल होने के डर से छोड़ दिया था घर

किशोर के पिता छत्तीसगढ़ के सरदूजा जिले के अंबिकापुर कस्बे में कारोबार करते हैं। रनवीर का बचपन से ही पढ़ने में मन नहीं लगता था। पढ़ने के लिए पिता ने उसे अपने भाई अखंड के पास नोएडा भेजा था।

अखंड प्रताप सिंह गणित के शिक्षक हैं। चाचा ने रनवीर का दाखिला सेक्टर-22 स्थित एक प्राइवेट स्कूल में नौंवी कक्षा में करा दिया था। चाचा के पास आने के बाद भी किशोर का मन पढ़ाई में नहीं लगा।

किशोर का स्कूल में यूनिट टेस्ट काफी खराब हुआ। उसे कम अंक आने का डर सताने लगा। इसके बाद वह सेक्टर-37 से बस में बैठकर दिल्ली के कनाट प्लेस पहुंच गया। वह बंगला साहिब गुरुद्वारे में लंगर खाता और वहीं पर सो जाता। वर्षा होने पर वह रेलवे स्टेशन चला जाता। तीन सप्ताह पहले वह घूमने के लिए हरिद्वार भी गया था।

पुलिस को अथक प्रयास से मिली कामयाबी

एसीपी अरविंद कुमार ने बताया कि पुलिस के अथक प्रयास के बाद कामयाबी मिली है। घर से गायब होने के बाद किशोर पाटरी का काम करने लगा था, ताकि उसका जेब खर्च भी चलता रहा। इसे खोजने के लिए सेक्टर-22 और आसपास रहने वाले करीब 800 लोगों से बातचीत की गई।

सेक्टर-12 स्थित साई कृपा शिशु गृह का डाटा चेक कराया गया। पड़ोसी जिलों की पुलिस से संपर्क साधकर जानकारी जुटाई। जगह-जगह दीवारों पर फोटो चस्पा की गई और नीचे मोबाइल नंबर देते हुए लोगों से अपील की गई कि अगर वह बच्चे को कहीं देखें तो संबंधित नंबर पर सूचित करें। बच्चे को बरामद करने में एसआइ सनत कुमार, एसआइ सतेंद्र मोतला, कांस्टेबल जीत सिंह की अहम भूमिका रही।


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