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छींक रोकने से हो सकता है खतरा, जा सकती है आपकी जान; जानें क्या है डॉक्टरों की राय

अगर आपको छींक आती है और आप उसे रोकते हैं तो क्या आप जानते हैं। ये आपके सेहत पर बहुत बुरा असर डाल सकता है। जिसमें आपकी जान भी जा सकती है। पिछले दिनों ग्रेटर नोएडा में एक मामला ऐसा आया। जिसमें युवक ने अपनी छींक रोकी उसके बाद उसका कान का पर्दा फट गया। जानें इस पर डॉक्टरों की सलाह।

By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha Thu, 11 Jul 2024 04:09 PM (IST)
छींक रोकने से हो सकता है खतरा, जा सकती है आपकी जान; जानें क्या है डॉक्टरों की राय
छींक अगर आए तो ना रोके, नहीं तो जा सकती है जान। फाइल फोटो

अर्पित त्रिपाठी, ग्रेटर नोएडा। छींक शरीर की एक शारीरिक क्रिया और रक्षात्मक प्रतिक्रिया है, जिसमें हवा का प्रेशर शरीर की गंदगी को नाक व गले से बाहर फेंकता है। ये स्वास्थ्य के लिए जितनी लाभदायक है इसे रोकना उतना ही घातक है।

पिछले दिनों ग्रेटर नोएडा में एक ऐसा ही मामला आया जिसमें एक युवक द्वारा छींक को रोकने पर उसका कान का पर्दा फट गया। चिकित्सकों की मुताबिक कई बार लोग भीड़ में छींकने से परहेज करते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आदतन छींक को रोकते हैं या मुंह बंद कर छींकते हैं जिससे की आवाज न आए।

यह कभी भी घातक साबित हो सकता है। छींक रोकने के कारण सांस की नली फटने, फेफड़े के फटने, गले में गहरे घाव जैसे मामले भी आ चुके हैं। ऐसे में छींक आने पर इसे रोकने का प्रयास न करें।

छींक रोकने से फटा कान का पर्दा

ग्रेटर नोएडा के सीआरएच डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक डा. हरप्रीत सिंह कोचर ने बताया कि कई बार शरीर की साधारण क्रियाएं में रुकावट करने पर बड़ी समस्या पैदा हो जाती है। पिछले दिनों छींक रोकने पर एक 30 वर्षीय युवक के कान से खून आने लगा।

वह इलाज के लिए अस्पताल आया, जांच की तो पाया कि छींक रोकने के कारण फेफड़े से आने वाला हवा का प्रेशर कान की तरफ मुड़ गया था, जिसकी वजह से कान का पर्दा फट गया। ऐसे मामले में ज्यादातर खुद ही पर्दा ठीक होने की संभावना होती है।

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