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Noida Schools: स्कूल ने भेजा 35.74 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का मेल, अभिभावकों ने शुरू किया विरोध

स्कूलों ने शुल्क बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभिभावकों को नए सत्र के शुल्क का विवरण भेजना शुरू कर दिया है। सेक्टर-16 ए स्थित एपीजे स्कूल ने अभिभावकों को मौजूदा सत्र में 35.74 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने की सूचना दी है।

By Ajay ChauhanEdited By: Abhi MalviyaPublished: Thu, 30 Mar 2023 10:55 PM (IST)Updated: Thu, 30 Mar 2023 10:55 PM (IST)
स्कूलों ने शुल्क बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

नोएडा, जागरण संवाददाता। अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू हो रहा है। इसके साथ ही स्कूलों ने शुल्क बढ़ाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। अभिभावकों को नए सत्र के शुल्क का विवरण भेजना शुरू कर दिया है। सेक्टर-16 ए स्थित एपीजे स्कूल ने अभिभावकों को मौजूदा सत्र में 35.74 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने की सूचना दी है।

स्कूल के अभिभावक व आल नोएडा स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि 24 मार्च को स्कूल की तरफ से मेल भेजा गया है। इसमें नए सत्र में स्कूल में सातवां वेतन आयोग लागू करने के चलते शुल्क बढ़ाने की सूचना दी गई है। एक सत्र में शुल्क में अचानक 35.74 प्रतिशत की वृद्धि बहुत ज्यादा है।

यह अभिभावकों के लिए आसान नहीं है। इसको लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। हम मामले को लेकर जिला शुल्क नियामक समिति (डीएफआरसी) जाएंगे। साथ ही जिला विद्यालयी निरीक्षक से भी शिकायत करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष आदेश जारी किया था कि स्कूल अधिकतम 11 प्रतिशत तक ही शुल्क बढ़ा सकते हैं, जबकि स्कूल इसके तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा रहा है। स्कूल के प्रबंधन ने इस पर कुछ भी कहने से मना किया।

15 प्रतिशत शुल्क वापस करेगा स्कूल

स्कूल द्वारा भेजे गए मेले के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार निर्देश के अनुसार स्कूल सत्र 2020-21 में ली गए शुल्क का 15 प्रतिशत मौजूदा सत्र में समायोजित करेगा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने सभी स्कूलों को 15 प्रतिशत शुल्क अभिभावकों को वापस करने का निर्देश दिया था। यतेंद्र कसाना ने इसको हांस्यस्पद बताते हुए कहा कि स्कूल अभिभावकों को भ्रमित कर रहा है। हमसे 35 प्रतिशत शुल्क लेने के बाद 15 प्रतिशत हमको ही वापस करेगा।

मामले को लेकर क्या बोले डीआईओएस?

स्कूल उत्तर प्रदेश शुल्क नियामक अधिनियम के तहत ही शुल्क बढ़ा सकते हैं। इसका उल्लंघन करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

- डा. धर्मवीर सिंह, डीआईओएस


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