ग्रेटर नोएडा, जेएनएन। ग्रेटर नोएडा वेस्ट व नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में पकड़ी गई नकली सीमेंट फैक्ट्री का नमूना जांच के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को भेजा गया है। वहीं नकली सीमेंट खरीदने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उत्तराखंड के कारोबारी आलोक जैन से पुलिस ने 30 घंटे रिमांड पर पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान कारोबारी ने पुलिस को अहम जानकारी दी है।

पुलिस कर रही छापेमारी

पुलिस को पता चला है कि नकली सीमेंट के कारोबार को बढ़ावा देने में आरोपित सुनील व दिल्ली का बिचौलिया रिजवी शामिल है। रिजवी भी दिल्ली का सीमेंट व्यापारी है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकाने पर दबिश देकर नकली सीमेंट के बिल और पर्चियां बरामद की हैं।

रिजवी अब भी है फरार

आरोपित रिजवी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नकली सीमेंट के मामले में कई अन्य आरोपितों के नाम पुलिस जांच में शामिल किए गए हैं। बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को बिसरख व नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में चार नकली सीमेंट फैक्ट्रियां पकड़ी गई थीं। मौके से चार हजार बोरी नकली सीमेंट बरामद किया गया था।

12 लोग गिरफ्तार

उत्तराखंड, रुद्रपुर के कारोबारी व नकली सीमेंट कारोबार के मास्टरमाइंड आलोक जैन सहित कुल 12 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आलोक जैन से पूछताछ के लिए कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद पुलिस को 30 घंटे की रिमांड मिल गई थी। 30 घंटे तक पुलिस ने आरोपित आलोक से पूछताछ कर अहम सुराग हासिल किए हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि उत्तराखंड भेजी जाने वाली नकली सीमेंट रिजवी उपलब्ध कराता था। वह बिचौलिये की भूमिका में रहता था।

बिचौलिये ने बनाई प्रापर्टी

पुलिस जांच में पता चला है कि नकली सीमेंट के कारोबार में बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले रिजवी के पास मोटी प्रापर्टी है। आशंका है कि यह प्रापर्टी उसने नकली सीमेंट के कारोबार से हुई कमाई से अर्जित की है। पुलिस इसकी गहनता से जांच कर रही है।

आरोपित आलोक जैन से पुलिस रिमांड पर 30 घंटे पूछताछ की गई। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द ही कई अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

मनोज पाठक, बिसरख कोतवाली प्रभारी

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