जागरण संवाददाता, नोएडा। कोरोना संक्रमण के दौरान मेडिकल लाइन से जुड़े लोगों ने इसे एक अवसर के रूप में लिया। जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण से जुड़ी दवाईयों की मांग बढ़ने लगी वैसे-वैसे इसकी कालाबाजारी भी जोर पकड़ने लगी। अस्पतालों में मरीजों के तीमारदारों को दवाएं नहीं मिल पा रही मगर उनकी कालाबाजारी जोरों पर थीं। कालाबाजारी करने वालों ने इसे एक धंधा बना लिया, वो दूसरी दवाओं पर भी जीवनरक्षक रेमडेसिविर का स्टीकर लगाकर उसे ऊंचे दामों में बेचने लगे थे। इस तरह की तमाम शिकायतें मिलने के बाद पुलिस की भी निगाहें ऐसे लोगों पर लगी थीं। आखिर पुलिस ने इस तरह की कालाबाजारी करने वालों के गिरोह में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

हैरत की बात ये है कि ये सभी मेडिकल लाइन से जुड़े हुए थे, इस वजह से ये रेमडेसिविर की शीशी की ही तरह दूसरी दवा की शीशी लेकर उस पर रेमडेसिविर का फर्जी स्टीकर लगाकर उसे बेच रहे थे। बड़ी बात यह है कि गिरफ्तार किए गए गैंग में मेरठ के दिग्गज समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर का भांजा भी शामिल है।

कालाबाजारी करने वाले सात गिरफ्तार

नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बड़ी संख्या में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी करने वाले सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 9 असली रेमडेसिविर, 140 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, लाखों रुपये और अन्य कई इंजेक्शन बरामद किए हैं।

पूर्व मंत्री शहीद मंजूर का भांजा भी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री शहीद मंजूर का भांजा मुसीर भी शामिल है। मुसीर अपने दो साथियों सलमान और शाहरूख खान के साथ मिलकर कालाबाजारी करता था। पुलिस को पूछताछ में बताया कि हम लोग फोर्टिस अस्पताल नोएडा में रेमडेसिविर के इंजेक्शन बेचने आये थे। अब्दुल का भाई कादिर जिसे अब्दुल अपने चाचा का लड़का बताता है, उसके माध्यम से बन्टी नाम का लड़का सारे नकली लेबल कादिर छपवाकर देता था। मुसीर ने बताया, मैं और कादिर इस धंधे से काफी पैसा कमा चुके हैं। कादिर हमको इंजेक्शन और उनके लेबल उपलब्ध कराता है।

सारे युवक मेडिकल लाइन से जुड़े हैं

पुलिस का कहना है कि कादिर के पते के बारे में जानकारी की गई तो बताया कि उसके बारे मे कुछ नहीं जानता है। दिपांशु और अब्दुल कोलम्बिया एशिया अस्पताल में जीएनएम के पद पर स्टाफ नर्सिंग का कार्य करते हैं। सलमान आईआईएमटी मेरठ से 2019 बैच से बीफार्मा करके बायोटेक कम्पनी में एमआर के पद पर नौकरी कर रहा है। मुसीर हीलिंग ट्री अस्पताल इंदिरापुरम गाजियाबाद में इमरजेन्सी टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। ये सभी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के परिवारों के सम्पर्क में आने पर विश्वास में लेते थे। मरीज के परिजान रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीद लेते थे।

इंदिरापुरम में बना रहे थे नकली इंजेक्शन

अभियुक्त दिपांशु ने बताया, मैं अपने हास्टल के कमरे में डी-20 कला भवन गोविन्दपुरम गाजियाबद में MEROPENEM INJECTION और अन्य इंजेक्शन के लेवल छुड़ाकर उस पर नकली रेमडेसिवर का लेवल लगाकर महंगे दामों में बेच देते थे।

इस तरह फंसाते थे मरीजों के तीमारदार को

इन्हें नोएडा क्राइम ब्रांच और सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ये लोग MEROPENEM INJECTION का जैनरिक इंजेक्शन जो निमोनिया की बीमारी में काम आता है और अन्य सस्ते इंजेक्शन खरीदकर लाते थे। उसके बाद उसका लेबल छुड़ाकर रेमडेसिविर इंजेक्शन का नकली लेबल चिपका देते थे। उसके बाद अस्पतालों के पास घूमने लगते थे। अस्पतालों के पास सिरियस मरीजों और उनके परिजनों से संपर्क करके इंजेक्शन को 40 से 45 हज़ार में बेच देते थे।

बड़ी संख्या में नकली इंजेक्शन बरामद हुए

नोएडा के एडिशनल डीसीपी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि शनिवार को ये लोग नोएडा के सेक्टर-62 में स्तिथ फोर्टिस अस्पताल में नकली रेमडेसिविर बेचने आये थे। जिन्हें सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को इनके कब्जे से मौके पर 9 पीस रेमडेसिविर इंजेक्शन, 140 नकली लेवल रेमडेसिविर इंजेक्शन, एक पैकेट सफेद पदार्थ वजन करीब 1 किलोग्राम और अन्य कंपनी के इंजेक्शन, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी व 2,45,000 रुपये कैश बरामद हुआ है। पुलिस ने आगे बताया कि ये सभी लोग मेडिकल सर्विसेज से जुड़े हैं। अलग-अलग अस्पतालों और फार्मेसी कंपनी में काम करते हैं। फिलहाल पुलिस ने सभी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

नोएडा पुलिस ने इन सातों को किया गिरफ्तार

मुसीर पुत्र मुबीन, निवासी आरिफपुर सरावनी, थाना बाबूगढ़, जनपद हापुड़

सलमान खान पुत्र फिरासत अली, निवासी मौसमखानी, कस्बा और थाना किठौर, जनपद मेरठ

शाहरूख पुत्र फरहत अली, निवासी मौहल्ला पडियोवाला, कस्बा और थाना किठौर, जनपद मेरठ

अजरूद्दीन पुत्र मैनुद्दीन उर्फ मीनू मलिक, निवासी ग्राम आरिफपुर सरावनी, थाना बाबूगढ़, जनपद हापुड़

अब्दुल रहमान पुत्र असगर अली, निवासी मदीना कॉलोनी, 40 फुटा रोड, थाना लिसाडी गेट, जनपद मेरठ

दीपांशु उर्फ धर्मवीर पुत्र सोहनलाल विश्वकर्मा उर्फ राजकुमार, निवासी ग्राम जलालपुर, थाना जहानगंज, जनपद फर्रूखाबाद

बन्टी पुत्र संतराम सिंह प्रजापति, निवासी परतापुर, थाना पिलखुआ, जनपद हापुड़

बरामदगी का विवरणः-

1.9 पीस रेम डेसिविर इंजेक्शन Hetero Company

2.01 बिना लेबल का इन्जैक्शन

3.140 नकली लेवल रेम डेसिवर इंजेक्शन Hetero Company

4.01 पैकेट मे सफेद पदार्थ वजन करीब 1 किलो

5.03 पीस Cipla Cefoperazone And Sulbactam For Injection

6.02 पीस PANTOPRAZOLE INJECTION

7.05 पीस BD VACUTAINER

8.02 लाख 45 हजार रूपये नगद

9.विभिन्न कम्पनी के 10 अदद मोबाइल

10.02 मोटर साईकिल

11.01 स्कूटी,

12.एक प्रिन्टर एचपी

13.एक सीपीयू इंटैक्स

14.एक मानीटर, जेबरोनिक्स

15.एक की-बोर्ड, एपरोडोट

16.एक माउस एडीनेट