यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Noida: गलत सूचना देने वाले स्कूलों पर भी होगी जुर्माने की कार्रवाई, 90 विद्यालयों की 15 दिन में होगी जांच
कोरोना काल के दौरान सत्र 2020- 21 में अभिभावकों से ली गई फीस का 15 प्रतिशत नए सत्र में समायोजित ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा, अंकुर त्रिपाठी। कोरोना काल के दौरान सत्र 2020- 21 में अभिभावकों से ली गई फीस का 15 प्रतिशत नए सत्र में समायोजित या वापस करने के हाईकोर्ट के आदेश का 90 स्कूलों ने पालन करने की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को भेजी है।
स्कूलों की ओर से जानकारी दी गई हैं कि अभिभावकों से कोरोना काल के दौरान ली गई फीस को समायोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही कई स्कूलों ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) डाक्टर धर्मवीर सिंह को अवगत कराया हैं कि उन्होंने कोरोना काल के समय अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए पहले ही करीब 20 से 30 प्रतिशत फीस माफ कर दी थी।
इसके साथ ही कई स्कूलों की ओर से बताया गया हैं कि कोरोना काल में कई बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया था। उनकी फीस माफ कर दी गई थी। डीआइओएस डाक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि अब तक करीब 90 स्कूलों की ओर से जानकारी साझा की गई हैं कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन उनकी ओर से किया जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 225 स्कूलों में से 90 स्कूलों ने सूचना भेजी है।
स्कूलों की ओर से दी गई सूचना की 15 दिनों के अंदर जांच की जायेगी। इसके साथ ही स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों से भी फोन करके जानकारी ली जाएगी कि स्कूलों की तरफ से 15 प्रतिशत फीस को नए सत्र में समायोजित किया गया हैं कि नहीं। यदि स्कूलों की ओर से दी गई सूचना गलत निकली तो 100 स्कूलों पर जैसे एक लाख का जुर्माना लगाया गया हैं वैसे ही गलत सूचना देने वाले स्कूलों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों को भेजी गई कार्रवाई की सूचना
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वाले 100 से अधिक स्कूलों को डीआइओएस कार्यालय की ओर से कार्रवाई की सूचना बृहस्पतिवार को मेल और हार्ड कापी के माध्यम से भेजी गई। सूचना में बताया गया हैं कि जुर्माने की राशि 10 दिन में जमा नहीं करने वाले स्कूलों पर अतिरिक्त पांच लाख का अर्थदंड लगाया जाएगा। एक लाख का जुर्माना लगाएं जाने पर स्कूलों की ओर से अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा हैं कि उनके छात्र की फीस कब तक समायोजित कर ली जाएगी।