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नोएडा में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ARTO में टेस्ट देने जाने की जरूरत नहीं, बनेंगे दो प्राइवेट सेंटर

एआरटीओ कार्यालय गौतमबुद्धनगर पर प्रतिदिन 200-300 आवेदक पहुंचते हैं। आंकड़ों के आधार पर (वर्ष 2023 में 49482 डीएल बने) कार्यालय पर प्रतिदिन औसतन 135 लाइसेंस बनते हैं। अब इन आवेदकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर भी अब ड्राइविंग टेस्ट लेंगे और प्रशिक्षण देंगे। जिले में दो प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर बनने ड्राइविंग टेस्ट बनने की कवायद शुरू हो गई है।

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari Published: Sun, 09 Jun 2024 09:07 AM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 09:07 AM (IST)
नोएडा में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ARTO में टेस्ट देने जाने की जरूरत नहीं

मुनीश शर्मा, नोएडा। अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए एआरटीओ में टेस्ट देने जाने की जरूरत नहीं होगी। प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर भी अब ड्राइविंग टेस्ट लेंगे और प्रशिक्षण देंगे। जिले में दो प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर बनने ड्राइविंग टेस्ट बनने की कवायद शुरू हो गई है।

अगले चार माह में दाेनों सेंटरों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। एआरटीओ कार्यालय पर लिए जाने वाले टेस्ट को देने की जरूरत नहीं होगी। अभी लाइसेंस बनवाने के लिए एआरटीओ कार्यालय में टेस्ट देना पड़ता है। टेस्ट व विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही डीएल मिलता है।

एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा ने बताया कि सड़क हादसे कम करने के लिए हल्के व भारी वाहनों को चलाना सिखाकर प्रशिक्षण देकर दक्ष किया जा सके। इसके लिए शासन स्तर से प्राइवेट क्षेत्र में प्रत्यायन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) बनाए जा रहे हैं।

58 जिलों में गौतमबुद्ध नगर को भी किया गया शामिल

प्रदेश के 58 जिलों में से गौतमबुद्ध नगर को भी शामिल किया गया है। जिले में दादरी और गौतमबुद्ध नगर में एडीटीसी बनने की दिशा में काम चल रहा है। इनको लेटर आफ इंटेंट दिया जा चुका है। दादरी वाले केंद्र की स्थापना संबंधी काम लगभग पूरा हो चुका है।

इसके भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट बनाकर एआरटीओ विभाग की ओर से शासन को भेजी जा चुकी है। अब राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। हालांकि जिले में तीसरा सेंटर भी बनाया जाना है। इसको बनाने की दिशा में काम जारी है।

एक-दो एकड़ में होंगे केंद्र

एआरटीओ ने बताया कि हल्के वाहन के लिए केंद्र बनाने को एक एकड़ जमीन जबकि भारी वाहन के दो एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इन केंद्रों पर लर्निंग लाइसेंस के प्रशिक्षण के लिए कक्षाओं का संचालन होगा जबकि परमानेंट लाइसेंस पाने को टेस्ट देने के लिए सिमुलेटर और आटोमेटिक ट्रैक पर प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी।

केंद्र प्रबंधक को चालकों को प्रशिक्षण देने के एवज में फीस मिलेगी। इन सेंटरों की मान्यता पांच वर्षाें के लिए होगी। इसके बाद इनका रिन्यूअल कराना होगा।

यह होंगे दो केंद्र

1.मेसर्स शिवम माबर्ल, रेलवे रोड दादरी, गौतम बुद्ध नगर

2.साईं फायर एप्लाइंसिस प्राइवेट लिमिटेड-गौतमबुद्ध नगर

औसतन प्रतिदिन बनते हैं 135 लाइसेंस

एआरटीओ कार्यालय गौतमबुद्धनगर पर प्रतिदिन 200-300 आवेदक पहुंचते हैं। आंकड़ों के आधार पर (वर्ष 2023 में 49,482 डीएल बने) कार्यालय पर प्रतिदिन औसतन 135 लाइसेंस बनते हैं।

अब इन आवेदकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग की ओर से डीएल बनवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन की हुई है, लेकिन परमानेंट डीएल के लिए कार्यालय आकर बायोमैट्रिक व फोटो खिंचवाना पड़ता है। अब निजी सेंटर बनने से आवेदकों की पूरी प्रक्रिया होने के बाद आनलाइन डीएल डाउनलोड हो जाएगा और फिजिकल डीएल घर पहुंच जाएगा।


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