यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Noida News: कोजिटो कंपनी प्रबंधन ने 200 कर्मियों को बिना नोटिस के किया बाहर, कर्मचारियों ने किया हंगामा
फेज वन कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर दो स्थित कोजिटो कंपनी प्रबंधन ने 200 कर्मचारियों को बिना नोटिस बाहर कर दिया। ...और पढ़ें

नोएडा, जागरण संवाददाता। फेज वन कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर दो स्थित कोजिटो कंपनी प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को करीब 80 कर्मचारियों को बिना नोटिस के नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद बाहर किए गए कर्मचारियों ने दोपहर दो बजे के करीब कंपनी परिसर के अंदर ही हंगामा करना प्रारंभ कर दिया।
हंगामा बढ़ता देख कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की मांग है कि या तो उन्हें स्थायी किया जाए या फिर तीन महीने की एडवांस में उन्हें सैलरी दी जाए। कोतवाली प्रभारी ध्रुव भूषण दुबे ने बताया कि प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच देर रात तक वार्ता चलती रही।
कोई ठोस नतीजा अभी तक निकल कर सामने नहीं आया है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों को एग्रीमेंट के तहत महज 180 दिन के लिए रखा गया था। यह अवधि पूरी होने के बाद ही कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है। सभी कर्मचारियों को छह महीने की सैलरी दी गई है।
कंपनी को मेडिकल एनोटेशन संबंधी प्रोजेक्ट मिला था। प्रोजक्ट के लिए कर्मचारियों को भर्ती किया गया था। कंपनी में 700 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। अंदर हंगामा होता देख कंपनी के गेट के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई जिससे अल्प समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
पुलिस ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच दो बार वार्ता कराने का प्रयास किया पर बात नहीं बन पाई। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी वह पीछे नहीं हटेंगे।
सपना टूट गया
बतौर टीम लीडर प्रोजेक्ट से जुड़े ग्रेटर नोएडा के गौरव कुमार ने बताया कि जब उन्हें कंपनी में नौकरी मिली तो लगा कि अब सबकुछ अच्छा होगा। छह महीने से सबकुछ सामान्य तरीके से चल रहा था।
बृहस्पतिवार को जैसे ही गौरव और उनके साथी कंपनी पहुंचे प्रबंधन की ओर से बताया गया कि आज उनकी नौकरी का अंतिम दिन है। इसके बाद कर्मचारियों ने हंगामा करना प्रारंभ कर दिया।
नहीं हुआ था कोई करार
कंपनी में काम करने वाले सेक्टर-39 के पल्लव मावी और दिल्ली के आजम खान ने बताया कि नौकरी के संबंध में 180 दिन के लिए कोई करार नहीं हुआ था। न ही इस संबंध में कोई जानकारी कर्मचारियों को दी गई थी। प्रबंधन मनमानी कर रहा है और कर्मचारियों का कैरियर बर्बाद करने पर तुला है।
जबतक कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जाएगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। जिलाधिकारी और श्रम आयोग सहित अन्य जगहों पर भी मामले की शिकायत की जाएगी। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों में कई महिलाएं और युवतियां भी शामिल हैं।