यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Noida Metro: नोएडा की एक्वा लाइन मेट्रो के 16 स्टेशन से जल्द मिलेगी ई-रिक्शा की सुविधा, योजना तैयार
Aqua Line Metro लाइस्टमाइल कनेक्टिविटी के तहत एनएमआरसी ने योजना तैयार की है। संचालन करने वाली एजेंसी ही ई-रिक्शा की ...और पढ़ें

नोएडा, जागरण संवाददाता। नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन मेट्रो के 16 स्टेशनों से अप्रैल में लोगों को ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी। इसके लिए नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) ने रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है। इसके तहत एक्वा लाइन के 16 स्टेशनों से ई-रिक्शाका संचालन किया जाएगा।
रिक्शा की संख्या और रूट का निर्धारण ई-रिक्शा संचालन करने वाली कंपनी को होगा। इसमें मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो के आने-जाने का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा। एनएमआरसी की तरफ से एजेंसी को पार्किंग के लिए सौ से 500 वर्ग मीटर जगह स्टेशन के पास उपलब्ध कराई जाएगी। यहां ई-रिक्शा के लिए चार्जिंग की भी व्यवस्था होगी। जिसके एवज में एजेंसी एनएमआरसी को भुगतान भी करेगी।
मेट्रो स्टेशन से सेक्टरों को जोड़ने के साथ ही लास्टमाइल कनेक्टिविटी देने के लिए एनएमआरसी की तरफ से एक्वा लाइन के 21 में से 16 स्टेशनों से ई-रिक्शा संचालन की योजना तैयार की है। इसके तहत 27 फरवरी को प्री-बिड मीटिंग होगी और इसी दिन इस कार्य में रूचि दिखाने वाली एजेंसियों को साइट विजिट भी कराया जाएगा।
15 मार्च को खोली जाएगी तकनीकी बिड
अगर इच्छुक एजेंसियों के किसी भी बिंदु के बारे में जानकारी चाहिए, तो साइट विजिट के बाद वह एनएमआरसी अधिकारियों से ले सकेगा। जो एजेंसियां ई-रिक्शा का संचालन करेंगी, उन्हें ही मेट्रो स्टेशन से लास्टमाइल कनेक्टिविटी के तहत रूट तैयार करना होगा और ई-रिक्शा की संख्या का निर्धारण और उनकी फ्रिक्वेंसी भी तय करनी होगी। 15 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी।
तकनीकी रूप से दक्ष कंपनियों के लिए सबसे पहली शर्त यह होगी कि वह किसी भी जगह कम से कम 25 ई-रिक्शा का संचालन कर रही हो और उसके ऊपर कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज न हो। तकनीकी रूप से दक्ष कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोले जाने के बाद जो कंपनी सबसे अधिक राजस्व एनएमआरसी को देगी, उस ई-रिक्शा संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
चयनित एजेंसी को दस दिन में सहमति पत्र देना होगा और इसके सात दिन में सिक्योरिटी भी जमा करनी होगी। फीस जमा किए जाने के बाद एनएमआरसी की तरफ से उसे पार्किंग और चार्जिंग के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। यहां एक माह में एजेंसी को पार्किंग बनाने के साथ चार्जिंग की व्यवस्था भी करनी होगी।
इन 16 स्टेशन से मिलेंगे ई-रिक्शा
सेक्टर-51, 76, 101, एनएसईजेड, सेक्टर-83, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147, 148 परी चौक, अल्फा-वन और डेल्टा-वन।
मेट्रो के अनुसार चलेंगे ई-रिक्शा
जिन 16 स्टेशन से ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा, वहां मेट्रो के आने-जाने के समय का विशेष ध्यान रखना होगा। मेट्रो की फ्रिक्वेंसी के हिसाब से रिक्शों की फ्रिक्वेंसी भी तय करनी होगी। जिससे लोगों को ई-रिक्शा से उतरने के बाद मेट्रो का अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े और ई-रिक्शा की संख्या इतनी कम नहीं होनी चाहिए कि लोगों को मेट्रो से उतरने के बाद ई-रिक्शा के लिए इंतजार करना पड़े।
ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट का निर्धारण भी एजेंसी करेगी। जिसकी जानकारी आवेदन के समय ही देनी होगी। एनएमआरसी द्वारा जारी आरएफपी में इसे विशेष रूप से शामिल किया गया है।
गलती करने पर लगेगा जुर्माना
लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए एनएमआरसी ने ई-रिक्शा संचालन कराने वाली एजेंसी के लिए कुछ नियम भी बनाए हैं। इसके तहत सभी ई-रिक्शा चालक ड्रेस, लाइसेंस और आई-कार्ड के साथ होंगे। वर्दी न होने या गंदी होने पर 200 रुपये का जुर्माना लगेगा। ई-रिक्शा चलाते समय चालक अगर मोबाइल का प्रयोग करता है या संगीत सुनता है, तो 200 रुपये का जुर्माना लगेगा।
किसी भी यात्री के साथ दुव्र्यवहार करने और सही सेवा न देने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। किसी भी यात्री से अगर अधिक किराया लिया जाता है, तो एक हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। किसी भी यातायात नियम का उल्लंघन करने पर भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
नकद के साथ मेट्रो कार्ड से भी होगा किराए का भुगतान
ई-रिक्शा का प्रयोग करने वाले लोगों को किराए के भुगतान के लिए कई विकल्प दिए जाएंगे। इसमें नकदी, आनलाइन पेमेंट, वालेट और मेट्रो कार्ड से भी किराया भुगतान की सुविधा मिलेगी। जिन ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा, उन किसी भी स्थिति में एनएमआरसी के लोगो का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
