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नोएडा में ईरानी गैंग ने इराकी नागरिक से छीने 10 हजार डॉलर, पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

कोतवाली सेक्टर-126 क्षेत्र स्थित जेपी अस्पताल में बेटी का इलाज कराने आए एक इराकी नागरिक को ईरानी गैंग ने अपना शिकार बना लिया। बदमाश पीड़ित से 10200 डालर भारतीय मुद्रा में करीब 8.51 लाख रुपये छीन ले गए। पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के मुवक्किल की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

By Gaurav Sharma Edited By: Abhishek Tiwari Published: Tue, 11 Jun 2024 07:43 AM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 07:43 AM (IST)
नोएडा में ईरानी गैंग ने इराकी नागरिक से छीने 10 हजार डॉलर

जागरण संवाददाता, नोएडा। कोतवाली सेक्टर-126 क्षेत्र स्थित जेपी अस्पताल में बेटी का इलाज कराने आए एक इराकी नागरिक को ईरानी गैंग ने अपना शिकार बना लिया। बदमाश पीड़ित से 10,200 डॉलर भारतीय मुद्रा में करीब 8.51 लाख रुपये छीन ले गए।

पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के मुवक्किल की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शाहपुर गांव के समदर्ष चौहान ने दर्ज कराई एफआइआर में बताया कि इराक से हुराम मोहम्मद जशेम पत्नी व बेटी के साथ 5 जून को उनके यहां पहुंचे और किराए पर कमरा लिया।

हुराम अपनी बीमार बेटी का जेपी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। रविवार रात नौ बजे हुराम पत्नी हिबा मुफाफ्त जशेम अल जवानी और बेटी के साथ टहलने के लिए निकले। सोपरा बैंकिंग के पास ग्रे कलर की कार से दो व्यक्ति आए और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कागजात और पर्स चेक कराने को कहा।

बदमाशों ने पर्स से निकाल लिए पैसे

हुराम ने दोनों को पुलिसकर्मी मानते हुए कमर में बंधा पर्स चेक कराया। इसके बाद पर्स में रखी धनराशि दोनों बदमाशों ने झटके से निकाल ली और तेजी से फरार हो गए। अनहोनी का अंदेशा होने पर हुराम और उनकी पत्नी ने शोर मचाया पर कार सवार बदमाश नहीं रुके।

बदमाशों का पीछा करने के दौरान हुराम की पत्नी और बेटी चोटिल भी हो गईं। बेटी के इलाज के लिए हुराम ने कई साल से धनराशि जमा की थी, जो बदमाशों ने एक झटके में छीन ली। एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। कुछ संदिग्धों की पहचान हुई है। जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को दबोच लिया जाएगा।

ईरानी गैंग के नाम से है पहचान

ईरानी गैंग के सदस्य अपने साथ कई बाइक रखते हैं। कुछ लोग कार में सवार होकर जाते हैं। एक दिन में कई किलोमीटर का सफर कर शिकार तलाशते हैं। भीड़भाड़ वाले इलाके में नकली पुलिसकर्मी, सीबीआइ अधिकारी बनकर विदेश से आने वालों को शिकार बनाते हैं।

ये लोग जेवर पहने महिला या पुरुष को बुलाकर चेकिंग, लूट आदि का भय दिखाकर जेवर हड़प लेते हैं। एक साथी शिकार को बातों में उलझा कर रखता है और दूसरा टप्पेबाजी को अंजाम देता है।

जेपी अस्पताल के आसपास सक्रिय है ईरानी गैंग

जेपी अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में ईरानी गिरोह के बदमाश बेहद सक्रिय हैं। पूर्व में भी यहां कई विदेशी नागरिकों के साथ लूट और टप्पेबाजी हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक ईराक, ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत कई देशों के लोग इलाज कराने जेपी अस्पताल आते हैं। ईरानी गिरोह के बदमाश उन्हीं को निशाना बनाते हैं।


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