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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Twin Tower Demolition: ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर अस्पतालों में हाई अलर्ट , सुरक्षा में तैनात रहेंगी 8 एंबुलेंस

By Pradeep Kumar ChauhanEdited By:
Published: Sat, 27 Aug 2022 09:22 PM (IST)

Noida Twin Tower Demolition ट्विन टावर के पास 400 पुलिस कर्मियों का मजबूत घेरा रहेगा। धूल का गुब्बार छंटने के ...और पढ़ें

Noida Twin Tower Demolition: हर घर में बस ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की ही चर्चा है।
Noida Twin Tower Demolition: हर घर में बस ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की ही चर्चा है।

नोएडा [धर्मेंद्र चंदेल]। Noida Twin Tower Demolition: नोएडा में कुतुबमीनार से भी कहीं ऊंचे भ्रष्टाचार के स्मारक रविवार की दोपहर ध्वस्त कर दिए जाएंगे। सुबह सात बजे से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ध्वस्तीकरण को लेकर नोएडा पुलिस ने प्लान को अंतिम रूप दे दिया है। ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नोएडा के हर घर में आज टविन टावर के ध्वस्तीरकण की चर्चा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एंबुलेंस तैनात की गई हैं और चिकित्सकों की छुटटी भी कैंसिल कर दी गई है। जिले के सभी अस्पतालों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

अनुमान के मुताबिक इस पूरे आपरेशन में 3600 किलो विस्फोटक सामग्री प्रयोग में लाई जाएगी। विस्फोट के लिए ट्विन टावर में 9680 सुराख किए गए हैं। ढ़ाई बजे ही विस्फोट क्यों? सवाल पर प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उस समय हवा का दबाव कम रहेगा ताकि धूल और उसके कण दूर तक न जाने पाएं। इस दौरान हल्की वर्षा की भी संभावना है। उसका भी लाभ मिल सके, इसलिए भी विस्फोट के लिए यह समय तय किया गया।

ट्विन टावर के पास 400 पुलिस कर्मियों का मजबूत घेरा रहेगा। धूल का गुब्बार छंटने के बाद एक्सप्रेस-वे को खोला जाएगा। उधर, ध्वस्तीकरण को लेकर ट्विन टावर के इर्द-गिर्द के बाशिंदों की नींद हराम हो गई है। हर घर में बस ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की ही चर्चा है। यद्यपि प्रशासन ने प्रत्येक स्तर पर तैयारी करके उसे अंतिम रूप भी दे दिया है, लेकिन लोग इसी चिंता में घुले जा रहे हैं कि रविवार का दिन कहीं नई दुश्वारियां लेकर तो नहीं आएगा? ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान हर क्षण नोएडा के आसमान से गुजरने वाले वायुयानों की आवाजाही भी थमी रहेगी।

एक टावर टि्वन 32 मंजिला है, दूसरा टावर सियान 29 मंजिल है। दोनों के निर्माण में 800 करोड़ की लागत आई थी। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी है जिन्हें खुशी है कि ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के साथ बिल्डरों का मनमानी पर लगाम लगेगी।ट्विन टावर के आपास रहने वाले तेजी के साथ घर छोड़कर जा रहे हैं। ट्रकों में लदता सामान और भागदौड़ में जुटे लोगों को देखना अजीब सा लगता है। कल सुबह 7 बजे तक सभी फ्लैट खाली करा लिये जाने का प्रशासन ने दावा किया है।

जिन आंखों ने ट्विन टावर बनते देखे, जिन हाथों ने ट्विन टावर निर्माण में योगदान दिया, उन सबको इस सवाल का जवाब न मिलना साल रहा है कि आखिर भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद ट्विन टावर इतने वर्षों तक कैसे तने खड़े रहे? बिहार के मोतिहारी निवासी राम खिलावन राजमिस्त्री हैं। उन्होंने भी ट्विन टावर बनाने में पसीना बहाया। वह कहते हैं कि इन इमारतों को गिरा देने से भला किसे लाभ होगा?

ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के दौरान 1800 गाडिय़ों की पार्किंग की व्यवस्था कराई गई है। एटीएस और सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के लोगों की 1800 गाडिय़ां, बोटेनिकल गार्डन की पार्किंग में पार्क करने की व्यवस्था की गई है। बोटेनिकल गार्डन की पार्किंग में 2600 गाडिय़ों की व्यवस्था की गई है।

एंबुलेस,दमकल की गाडिय़ों के लिए स्पेशल कारिडोर तैयार कर लिया गया है। आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए बनाया गया कारिडोर, एनडीआरएफ की 8 एंबुलेंस, 4 दमकल गाडियां और पीएसी की कंपनियां होंगी।

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