नोएडा, मोहम्मद बिलाल। कोरोना के आगे जहां बड़े बेदम हुए जा रहे हैं। वहीं सेक्टर-8 की रहने वाली 21 वर्षीय गर्भवती ने मां बनने की चाहत लेकर आइसोलेशन वार्ड में हंसते खेलते कोरोना को मात दी है। उसका हौसला देखकर इलाज कर रहे डॉक्टर भी दंग रह गए। गर्भवती के साहस के आगे कोरोना को 13 दिन में ही घुटने टेकने पड़े हैं।

ग्रेटर नोएडा के कोविड अस्पताल शारदा से डिस्चार्ज होकर घर पहुंची कविता कुमारी के परिवार में पहले भी कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव हुए थे। इसलिए डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उसकी कोरोना जांच कराई थी। छह मई को कविता की जांच हुई और आठ मई को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इसके बाद उसे शारदा अस्पताल में भर्ती कर लिया गया, वहां आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की देखरेख में महिला का इलाज चला। डॉक्टर अभिषेक बताते हैं कि इलाज के लिए पहुंचे लोगों में महिला की मानसिक स्थिति काफी मजबूत रही। मां बनने के हौसले से महिला ने कोरोना ऐसे हराया कि समय का पता ही नहीं चला।

परिवार में पहले ससुर व ननद पहले ही कोरोना पॉजिटिव हुई थी, लेकिन वह दोनों भी स्वस्थ होकर घर पहुंच चुके हैं। आम तौर पर जिस घर में पहले भी कोरोना पॉजिटिव मिला हो, उन मरीजों की दिमागी हालत काफी कमजोर होती है। महिला को जब अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तो वह कुछ भावुक दिखी, लेकिन उसने सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है।

कोरोना सर्वे टीम को प्रवेश न मिलने पर हुआ विवाद

उधर, कोविड-19 की जानकारी घर-घर जाकर एकत्रित करने के लिए बनाई गई स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम को अब हाई राइज सोसायटियों में जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को सेक्टर-119 में आम्रपाली प्लेटिनम सोसायटी पहुंची कोविड-19 सर्वे टीम को एओए (अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन) ने प्रवेश देने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद पीसीआर को बुलाया गया और सर्वे टीम के आधे सदस्यों को सोसायटी में प्रवेश मिला।

जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई सर्वे टीम से आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम मिलाकर 38 कर्मचारी सोसायटी पहुंचे, लेकिन सोसायटी में कर्मचारियों के प्रवेश को लेकर बवाल हो गया। एओए ने कहा कि सर्वे की टीम न ही शारीरिक दूरी का पालन कर रही थी और न सभी ने मास्क का इस्तेमाल किया था, ऐसे में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश देना स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। वहीं सर्वे टीम के सुपरवाइजर अरुण शर्मा ने बताया कि हम एक टावर में अपने चार लोगों को भेजकर सर्वे कराना चाहते थे, लेकिन वह एक टावर में दो से अधिक को प्रवेश नहीं दे रहे, जिससे हमारा काम प्रभावित होगा।

Posted By: Mangal Yadav

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