ग्रेटर नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]। यूपी चुनाव के प्रचार के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे। ग्रेटर नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कल किसी ने मुझसे पूछा कि हर बार कैप्टन को ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी क्यों बनाते है तो मैंने बोला कि वो हमारे लिए शुभ हैं। मेरे सामने जो सूची रखी है उसमें 293 में 278 लोग यहां आये हैं। इसमें जिले के सभी मतदाताओं को यहां बुलाया गया है। उनके सामने 2022 के चुनाव के लिए आज मैं आपको बीजेपी के लिए बात करने आया हूं। तीनों में मुझे उत्तर प्रदेश में काम करने का मौका मिला।

नारे पर किया सवाल तो दिया ये जवाब

2017 में मैंने 300 पार का नारा दिया था किसी ने पूछा था कैसे आएगी। तो मैंने कहा कि आपने कागज में देखा है हमने जमीन में देखा है। उत्तरप्रदेश में मोदी जी को बहुत दिया। उत्तरप्रदेश बदल रहा है। उत्तरप्रदेश में युवा बढ़ रहा है उद्योग आ रहे।

सुरक्षा बहुत अच्छी हुई

सुरक्षा अच्छी हुई है। 20 साल के बसपा-सपा के शासन ने उत्तरप्रदेश को गड्ढे में डाल दिया। सपा ने जाति को आगे बढ़ाया। 5 साल बीजेपी की सरकार चली अखिलेश बाबा भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकते। यहां आए लोगों का काम समाज को आगे बढ़ाना है।

ये चुनाव यूपी के भविष्य को तय करने वाला

उन्होंने कहा कि ये चुनाव उत्तरप्रदेश के भविष्य तय करने का चुनाव है। 20 साल माफिया बाद चलता था। वर्ग विशेष का हुआ तो उसका कहना ही क्या। आज आजम खान ,मुख्तार सभी जेल में हैं। योगी ने उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक कर दी। सपा के पास लाल- नीली लाइट दोनों है।

बता दें कि यूपी में चुनाव को लेकर बुधवार को शाह ने दिल्ली में जाट नेताओं के साथ बैठक की थी इसमें यूपी और हरियाणा के भाजपा से जुड़े नेता शामिल हुए थे। इसमें शाह ने जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह गलत घर में शामिल हो गए हैं।

बता दें कि दिल्ली से सटे यूपी की कुल 11 सीटों पर चुनाव 10 फरवरी को होने हैं। इसमें नोएडा की तीन सीटें दादरी नोएडा और जेवर हैं। वहीं, गाजियाबाद की पांच सीटें मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद शहर, लोनी और साहिबाबाद हैं। इसके अलावा हापुड़ की धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर और हापुड़ विधानसभा है। शाह के ग्रेटर नोएडा में चुनाव प्रचार करने से इन सभी सीटों पर इसका असर देखने का मिल सकता है। हालांकि, सपा और बसपा के प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। 

इधर, विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र बृहस्पतिवार को वापस लिए जाने का आखिरी दिन है।  इसके बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। 13 नामांकन पत्र अपूर्ण होने के कारण उन्हें जांच के दौरान पहले ही निरस्त किया जा चुका है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए गए।

उन्होंने पहले ही बता दिया था कि नामांकन करने वाले जो उम्मीदवार नाम वापस लेना चाहते हैं, वो बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद जिन उम्मीदवारों के नामांकन शेष बचेंगे, उनके बीच चुनावी मुकाबला होगा। विधानसभा चुनाव के लिए तीनों विधानसभा क्षेत्र से कुल 52 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इसमें सबसे अधिक नोएडा विधानसभा से 23, दादरी विधानसभा से 16 व जेवर विधानसभा से 13 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। जांच में 13 नामांकन पत्र अपूर्ण मिलने पर उन्हें निरस्त कर दिया गया था। नोएडा विधानसभा से सबसे अधिक दस नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं। इसके अलावा दादरी विधानसभा से दो व जेवर विधानसभा से एक नामांकन पत्र निरस्त हुआ है। तीनों विधानसभा क्षेत्र में 39 लोगों की दावेदारी बची है। नामांकन वापसी होने पर उम्मीदवारों की संख्या में और कमी हो सकती है, लेकिन यह तय हो चुका है कि तीनों विधानसभा क्षेत्र में मतदान संपन्न कराने के लिए प्रत्येक बूथ पर केवल एक-एक बैलेट यूनिट की ही जरूरत होगी। एक बैलेट यूनिट में 15 उम्मीदवार व एक जगह नोटा पर वोट डालने की व्यवस्था होती है। उम्मीदवारों की संख्या 15 से अधिक होने पर प्रत्येक बूथ पर बैलेट यूनिट की संख्या बढ़ानी पड़ती है।

Edited By: Prateek Kumar