ग्रेटर नोएडा/बिलासपुर [घनश्याम पाल]। कोरोना के खिलाफ जंग के लिए पूरा देश एकजुट है। जन जागरूकता फैलाई जा रही। वही ग्रेटर नोएडा के अस्तौली गाँव में बीते एक माह में 11 मौत होने से ग्रामीण खौफजदा हैं और अब उनको कोरोना संक्रमण की भयावता भी दिखने लगी है। लेकिन, गांव के अंदर कोई जांच टीम व सेनेटाइजेशन करने वाली टीम अभी तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोगों को ठीक ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है और ना ही इतनी मौतों के बाद कोई टीम गांव में अब तक पहुंची है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ मौत कोरोना संक्रमण की वजह से तो बाकी सामान्य बताई जा रही हैं। लेकिन इससे पहले इतने कम अंतराल में सामान्य रूप से इतनी मौत कभी नहीं हुई हैं।

इनमें अधिकतर बुजुर्ग तो कई 50 साल के आसपास थे। दो-चार दिन के अंतराल में गांव में किसी न किसी की मौत के बारे में सूचना आ रही है। समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र भाटी ने शासन -प्रशासन को ट्वीट कर बताया कि गाँव में लगातार हो रही मौतों से गाँव व आसपास के पूरे क्षेत्र में ग्रामीणजन भी दहशत में आ गए।

स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने अभी तक गाँव में सेनेटाइजेशन का कार्य नहीं कराया है और ना ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा गाँव में लोगो की जांच की जा रही है। उन्होंने शासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सैनिटाइजर मुहैया कराया जाए और गांव व आसपास के क्षेत्रीय गाँवों को भी सैनिटाइज जल्द करा दिया जाए।

वहीं दूसरी तरफ त्रिलोक गुर्जर जिला अध्यक्ष युवा शिवसेना ने नवादा गांव में दर्जन भर मौत को लेकर शासन प्रशासन के अनदेखी पर रोष प्रकट करते हुए ट्वीट कर गांव में स्वास्थ्य विभाग टीम भेज जांच व सैनिटाइजेशन कराए जाने की मांग की है।

Edited By: Prateek Kumar