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UP Assembly Election 2027: मायावती के गढ़ में 'हाथी' की चाल होगी मजबूत, क्या है बसपा की नई चुनावी रणनीति

Published: Thu, 03 Sep 2026 12:08 PM (IST)

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने गढ़ में बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए कैडर कैंप चलाने का मंत्र दिया है।

मायावती ने दिया पार्टी को जीत का मंत्र।

मायावती ने दिया पार्टी को जीत का मंत्र।

HighLights

  1. 2027 चुनाव के लिए मायावती ने दिया कैडर कैंप का मंत्र।

  2. बूथ स्तर पर बसपा को मजबूत करने की रणनीति पर काम।

  3. पश्चिमी यूपी में घर-घर जाकर बताई जाएंगी बसपा नीतियां।

सुमित शिशोदिया, नोएडा। बसपा सुप्रीमाे मायावती ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने गढ़ में कैडर कैंप चलाकर बूथ स्तर पर हाथी की चाल मजबूत करने मंत्र दिया है।

लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री की बैठक से लौटे मेरठ मंडल के नेताओं ने चुनावी रणनीति को गति देना शुरू कर दिया है।पदाधिकारियों का मानना है कि त्योहार के सीजन से पहले ही बसपा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर वोट बैंक मजबूती के लिए रणनीति पर काम करेंगे।

गौतमबुद्ध नगर में जिलाध्यक्ष लखमी सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की लखनऊ में ऑल इंडिया लेवल की बैठक के बाद कैडर कैंप करने का काम तेज होगा।

पश्चिमी यूपी को लेकर शीर्ष नेतृत्व की क्या है रणनीति?

लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की बैठक में जेवर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी सतवीर नागर, जिलाध्यक्ष लखमी सिंह और मंडल जोन इंचार्ज (नोएडा) कृष्ण इंदौरिया शामिल हुए थे।

वहां से शीर्ष नेतृत्व की रणनीति है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ गौतमबुद्ध नगर के हर सेक्टर में कैडर कैंप आयोजित किया जाएगा। इसमें दस बूथ के प्रमुख और युवा कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत, ईमानदारी व निष्ठा को देखते हुए कैडर कैंप में शामिल करेंगे।

जिलाध्यक्ष के मुताबिक, हर वर्ग से वोट बैंक साधने के लिए बूथ प्रमुख और कैडर कैंप इंचार्ज के अलावा सेक्टर पदाधिकारियों में युवा व अनुभवी लोगाें को जिम्मेदारी दी जाएगी।

बंद कमरे में कैडर कैंप होने के बाद 500 से ज्यादा पदाधिकारी और इंचार्ज डोर-टू-डोर जाकर लोगों को बसपा की जन-कल्याणकारी नीति बताएंगे।

ऑल इंडिया पदाधिकारियों की बैठक में तैयार होगा रोडमैप

लखनऊ में बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री की आल इंडिया पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक होगी। वहां निर्देश मिलने के बाद पदाधिकारी पश्चिमी यूपी के विभिन्न जनपदों में बड़े नेताओं की सभा और बैठकों का रोडमैप तैयार होगा।

बताया गया कि डोर-टू-डोर जनसंपर्क में कार्यकर्ता दलित और ब्राह्मणों समेत सर्वसमाज का वोटबैंक पार्टी में जोड़ने का प्रयास करेंगे। बसपा के साथ लोगों का भाईचारा बढ़ाकर भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी कार्यकाल में हुए कार्यों की पोल खोलेंगे।

पदाधिकारियों की रणनीति है कि बसपा कार्यकाल में हुए विकास कार्य और कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को फिर लोगों को याद दिलाकर वोटबैंक बढ़ाकर सियासी जमीन तैयार की जाएगी।

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