जागरण संवाददाता, नोएडा :

चार दिन पहले की बात है। शुक्रवार शाम को सूरज बादलों की पीछे छिप रहा था। इसी दौरान नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले छह दोस्तों ने बदरीधाम यात्रा पर जाने का निर्णय किया और शनिवार शाम को उत्तराखंड के लिए नोएडा से कार से निकल गए। बदरीनाथ की यह यात्रा इनमें से तीन दोस्तों की अंतिम यात्रा साबित हुई। तीन अन्य बुरी तरह से घायल हैं। दरअसल दर्शन करने के बाद सभी दोस्त नोएडा लौट रहे थे इसी दौरान रास्ते में मौसम का मिजाज बदल गया और बदरीनाथ हाईवे पर चमोली कस्बे से 500 मीटर की दूरी पर कार अलकनंदा नदी के किनारे जा गिरी। इसमें सेक्टर-27 निवासी दीपक, सेक्टर-82 निवासी अरविद और सेक्टर-11 निवासी संदीप तंवर की मौत हो गई। मृतक और घायलों का पूरा परिवार रविवार रात को ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो गया। सोमवार को मृतकों और घायलों के घर में मातम पसरा रहा। हादसे में सेक्टर-46 निवासी अक्षित और सेक्टर-11 निवासी हरेंद्र और सुशील घायल हैं। मृतक का पार्थिव शरीर सोमवार देर रात नोएडा पहुंचने की उम्मीद है, ऐसे में मंगलवार को अंतिम संस्कार होगा।

मृतक संदीप तंवर के चाचा रामवीर तंवर ने बताया कि सभी बच्चे बदरीनाथ दर्शन को लेकर बहुत खुश थे। भारी उत्साह और उमंग के साथ सभी निकले थे। सभी छह युवक एक-दूसरे के परिचित थे और जीवन भर साथ रहने का दावा करते थे। ऊपर वाले को उनका साथ रहना मंजूर नहीं था और यह हादसा हो गया। उत्साह और उमंग के बीच जिदगी रेत सी फिसल गई। संदीप अपने पीछे पत्नी और एक बेटे को छोड़ गए।

मुस्कराने की अदा के कायल थे लोग : झुंडपुरा गांव निवासी संदीप की मौत के बाद सब गमजदा हैं। संदीप के घर के पास ही पान की दुकान लगाने वाले राजकुमार बताते हैं कि संदीप हर शाम हरेंद्र और सुशील अवाना के साथ दुकान के सामने आता था और मुझसे हालचाल पूछता था। हालात कैसा भी हो संदीप के चेहरे पर मुस्कान ही रहती थी। दोनों बच्चों को सलामत रखना भगवान : संदीप के घर के पास ही हरेंद्र और सुशील रहते हैं। पड़ोस के विजय चौहान ने बताया कि जब से संदीप की मौत की खबर आई है, दिल बैठ सा गया है। संदीप पढ़ाई पूरी कर घर का काम देख रहा था। उन्होंने कहा कि भगवान से हरेंद्र और सुशील की सेहत की सलामती की दुआ मांगता हूं। हरेंद्र गांव के करीब ही जिम चलाते थे, लेकिन लाकडाउन के बाद से जिम बंद थी। वहीं सुशील फेस दो स्थित निजी कंपनी में काम करते थे। स्वजन से की थी बात

पड़ोसियों के माध्यम से जब मृतक दीपक के पिता से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि हादसे के बाद उनका कलेजा छलनी है और कुछ भी बोल पाने की हालत में नहीं हैं। पड़ोसी राजीव गर्ग ने बताया कि दर्शन करने के बाद दीपक ने स्वजन से दो बार बात भी की थी। वह बहुत खुश था। अक्षित की हालत गंभीर

घायलों में अक्षित चौहान की हालत गंभीर बनी है। इस कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। अक्षित के घर और पड़ोस में लोग सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।

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