जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : प्रदेश की बहुचर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला केस के बाद ग्रेटर नोएडा में दूसरे की बीएड की डिग्री पर नौकरी करने वाली शिक्षिका मनीषा मथूरिया को पकड़ा गया है। फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने पर शिक्षिका फरार हो गई है। आरोपित शिक्षिका ने दस साल तक फर्जी डिग्री पर नौकरी की। शिक्षिका की तैनाती दादरी विकास खंड के नवादा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में थी। खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर शिक्षिका के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बीएसए ने शिक्षिका को बर्खास्त कर उसके द्वारा लिए गए वेतन के रिकवरी के आदेश दिए हैं। पुलिस आरोपित शिक्षिका की तलाश कर रही है।

खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत सिंह की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि मूल रूप से अलीगढ़ के बसौली गांव की रहने वाली मनीषा मथूरिया ने आंबेडकर विवि आगरा से वर्ष 2005 में जारी बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी। बीते दिनों शिकायत मिली तो जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि जिस अनुक्रमांक को मनीषा के मार्कशीट में दर्ज किया गया है वह अनुक्रमांक मनीषा मौर्या के नाम पर दर्ज है, जो कि कासगंज के वीके जैन कॉलेज की है। मामले की जांच में पाया गया कि ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वाली मनीषा मथूरिया की डिग्री फर्जी है वह मनीषा मौर्या की डिग्री पर नौकरी कर रही थी।

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2010 में मिली पहली तैनाती

जालसाज शिक्षिका मनीषा मथूरिया की पहली तैनाती वर्ष 2010 में अलीगढ़ के उंटगिरी विकास क्षेत्र के गांव धनीपुर प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। उसके बाद उसका तबादला ग्रेटर नोएडा के लिए कर दिया गया और उसकी तैनाती नवादा प्राथमिक विद्यालय में रही।

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दनकौर के प्राचार्य ने की थी शिकायत

पुलिस ने बताया कि मामले में पहली शिकायत दनकौर डायट के प्राचार्य द्वारा की गई थी। उन्होंने सभी शिक्षकों की डिग्री की जांच की मांग की थी। जांच में पाया गया कि फर्जी डिग्री के आधार पर मनीषा ने वर्ष 2008 में बीटीसी भी की थी।

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खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपित शिक्षिका की तलाश जारी है।

राजेश कुमार सिंह, डीसीपी ग्रेटर नोएडा

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