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यमुना एक्सप्रेसवे पर 17 सितंबर से लोकल वाले कर सकेंगे टोल फ्री सफर, बस कराना होगा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन

Published: Sat, 05 Sep 2026 12:34 PM (IST)

Yamuna Expressway Toll Free: यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर 17 सितंबर से पात्र स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

पंजीकरण और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वाहन को टोल छूट की व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। प्रतीकात्मक तस्वीर

पंजीकरण और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वाहन को टोल छूट की व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. जेवर टोल पर 17 सितंबर से मिलेगी टोल छूट।

  2. पंजीकरण के लिए निवास, आधार, वाहन आरसी जरूरी।

  3. सत्यापन के बाद मिलेगा फास्टैग, केवल पात्र गांवों को लाभ।

जागरण संवाददाता, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर पात्र स्थानीय लोगों को 17 सितंबर से टोल शुल्क से राहत मिलेगी। करीब 14 साल पुरानी मांग पूरी होने के बाद अब स्थानीय वाहन मालिकों को सुविधा का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पंजीकरण और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वाहन को टोल छूट की व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

टोल मुक्ति के लिए क्या देने होंगे पेपर्स?

हालांकि, इसके लिए एक शर्त रखी गई है कि पात्र वाहन मालिक को जेवर टोल प्लाजा के निर्धारित कार्यालय में पहुंचकर पंजीकरण कराना होगा। इसके अंतर्गत स्थानीय निवास का प्रमाण, आधार कार्ड और वाहन की आरसी उपलब्ध करानी होगी। संबंधित कर्मचारी आवेदक और वाहन का विवरण दर्ज करेंगे। इसके बाद निवास प्रमाण और वाहन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

कब से मिलेगी टोल से मुक्ति?

सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले वाहन को टोल छूट की व्यवस्था के लिए अलग से फास्ट ट्रैक जारी किया जाएगा, जिससे पंजीकृत वाहन को जेवर से ग्रेटर नोएडा तक टोल से छूट मिलेगी। केवल जेवर क्षेत्र में रहने से प्रत्येक व्यक्ति का वाहन स्वत: टोल मुक्त नहीं होगा। निर्धारित पात्र गांवों के स्थानीय निवासियों को ही सुविधा मिलेगी। पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही वाहन को छूट दी जाएगी।

लंबी लड़ाई के बाद मिली जीत

यमुना एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद से जेवर क्षेत्र के स्थानीय लोग रोजमर्रा के आवागमन में टोल शुल्क से राहत की मांग करते रहे हैं। किसानों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिला मुख्यालय आवागमन के अलावा अन्य जरूरी काम, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उन्हें नियमित रूप से एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना पड़ता है। जेवर से ग्रेटर नोएडा तक टोल छठ के बाद किसानों ने लंबी लड़ाई के बाद इसे अपनी जीत बताया है।

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