विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे पर नहीं लगेंगे टोल बूथ-बैरियर, ANPR से कटेगा Fastag टोल; बिना रुके गुजरेंगे वाहन

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:25 AM (IST)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर अब वाहनों को टोल के लिए रुकना नहीं ...और पढ़ें

एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के बैरियर-फ्री टोल पर लगे कैमरा स्कैनर और अन्य उपकरण । जागरण

एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के बैरियर-फ्री टोल पर लगे कैमरा स्कैनर और अन्य उपकरण । जागरण

HighLights

  1. लिंक एक्सप्रेसवे पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली से टोल वसूली।

  2. पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर नहीं, वाहन बिना रुके गुजरेंगे।

  3. टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से मिलेगी बड़ी राहत।

मनोज कुमार शर्मा, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की व्यवस्था भी आधुनिक होगी। जेवर के करौली बांगर के पास बनाए गए टोल प्लाजा पर पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर नहीं लगाए जाएंगे।

यहां स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) के जरिए वाहनों की पहचान कर टोल वसूला जाएगा। इससे वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। तेजी से पूर्ण होने वाली इस प्रक्रिया के चलते टोल पर लगने वाले समय और जाम से वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकेगी।

एनसीआर के ज्यादातर टोल प्लाजाओं पर पर्व या फिर लंबी छुट्टी के दौरान लोगों के बड़ी संख्या में घरों से निकलने की वजह से जाम की समस्या पैदा होती है इससे निपटना बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में लिंक एक्सप्रेसवे पर फ्री-फ्लो टोल व्यवस्था यातायात को सुचारु रखने में मददगार होगी।

अन्य टोल प्लाजाओं पर भी बढ़ावा

देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इसी तरह एएनपीआर और फास्टैग आधारित टोल वसूली की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा एयरपोर्ट से हरियाणा के मोहना यमुना नदी तक बनकर तैयार हो चुका है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि दिसंबर तक इसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया जाएगा जिसके बाद एयरपोर्ट से मोहना तक इसे आम लोगों के लिए खोले जाने की प्लानिंग है।

एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहनों से टोल पर लगाए गए कैमरे वाहनों गुजरने के साथ ही उनकी नंबर प्लेट को स्वत: स्कैन करेंगे। वाहन की पहचान होने के बाद फास्टैग से निर्धारित टोल राशि काटी जाएगी। फास्टैग से जुड़ी जानकारी के आधार पर शुल्क वसूली की जाएगी।

इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली कतार और वाहनों के अनावश्यक रुकने को खत्म करना है।

अन्य टोल प्लाजाओं पर लागू हो रही व्यवस्था

देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी पारंपरिक टोल बूथ की जगह बैरियर-फ्री और मल्टी लेन फ्री फ्लो व्यवस्था लागू की जा रही है। चोरयासी टोल प्लाजा, गुजरात और घरौंडा टोल प्लाजा हरियाणा पर इसे लागू किया जा रहा है।

एनएचएआइ देश के करीब 25 राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रहा है । इसमें एएनपीआर कैमरों और फास्टैग के माध्यम से वाहन की पहचान और शुल्क वसूली होती है।

इस व्यवस्था से वाहनों को टोल के लिए रुकना नहीं पड़ता और यातायात की गति बनी रहती है।

यह भी पढ़ें- नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक आसान होगा सफर, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में

यह भी पढ़ें- नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी को झटका, हरियाणा के कारण 2027 तक टला लिंक एक्सप्रेसवे