जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ जस्टिस एंड गवर्नेंस में बृहस्पतिवार को संविधान दिवस के अवसर पर 'एक्सेस टू जस्टिस एंड द कॉनस्टीट्युशन ऑफ इंडिया' विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का उद्देश्य था पिछले सात दशकों से भारत का संविधान नागरिकों को न्याय प्रदान करने में क्या महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। यह प्रक्रिया अनवरत जारी है। स्कूल ऑफ लॉ जस्टिस एंड गवर्नेंस के सहायक प्रोफेसर व कार्यक्रम के संयोजक डा. अक्षय कुमार ने अतिथियों का परिचय कराते हुए मुख्य विषय पर प्रकाश डाला। विवि के कुलपति प्रो भगवती प्रकाश ने कहा कि भारतीय संविधान देश को एकजुट रखने के लिए श्रेष्ठ संविधान है। देश को किसी संवैधानिक संकट का सामना नहीं करना पड़ा है। सभी को भारतीय संविधान का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल के डीन प्रो. एसके सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना स्वयं ही न्याय सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि संविधान के विभिन्न भाग विभिन्न देशों से लिए गए हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीश प्रदीप कांत ने भारतीय संविधान का उद्देश्य शांति, सद्भाव और न्याय है। न्याय की धारणा को व्यापक अर्थों में लिया जाना चाहिए। स्कूल की विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा ने अतिथियों का आभार प्रकट किया। दूसरी तरफ नालेज पार्क स्थित ईशान इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ कालेज में संविधान दिवस पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के चेयरमैन डा. डीके गर्ग ने कहा कि भारतीय संविधान सबसे बड़ा ग्रंथ है। संविधान का पालन करना सभी भारतीयों का कर्तव्य है। भारतीय संविधान में ही महिलाओं व पिछड़ों का विशेष ध्यान रखा गया है। इस मौके पर डा. राजन कोठारी, आरसी राय, राहुल संहोता, दक्ष त्यागी, अभिषेक खारी, डा. अनूप, उम्मेद सिंह डा. राजन आदि मौजूद रहे।

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